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जूनियरों से बदसलूकी पर दो छात्र हॉस्टल के लिए अपात्र
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two students uneligible for hostels cause threatning juniors.
- फोटो : AU
प्रयागराज पीसीबी हॉस्टल में जूनियर छात्रों से बदसलूकी करने के मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने दो छात्रों को हॉस्टल के लिए अपात्र घोषित कर दिया है। अब उन्हें किसी भी हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके साथ ही इविवि प्रशासन ने सभी छात्रों को अपने से जूनियर एवं नवप्रवेशितों से संयमित व्यवहार करने की सलाह दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि किसी से बदसलूकी की तो यह रैगिंग की श्रेणी में आएगा और सख्त कार्रवाई होगी।
पीसीबी हॉस्टल में रहने वाले बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष कुमार और बीकॉम तृतीय वर्ष के आकाश वर्मा पर आरोप लगा था कि उन्होंने हॉस्टल में नव प्रवेशित छात्रों को डराया-धमकाया और उनके साथ गालीगलौज की। शिकायत मिलने पर अधीक्षक ने दोनों छात्रों का हॉस्टल में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। वहीं, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा था। छात्रों की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर अब दोनों को किसी भी छात्रावास की सुविधा पाने के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है।
चीफ प्रॉक्टर ने दोनों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी हॉस्टल या विश्वविद्यालय परिसर में नए छात्रों से इस तरह का व्यवहार न करें। साथ ही अन्य छात्रों को भी चेतावनी जारी की गई है कि वे भी अपना व्यवहार संयमित रखे। अगर किसी नव प्रवेशित छात्र या अपने जूनियर छात्र से कोई बदलसलूकी करता है तो रैगिंग का आरोप सिद्ध होने पर हॉस्टल एवं विश्वविद्यालय से निष्कासन किया जा सकता है और मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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पीसीबी हॉस्टल में रहने वाले बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष कुमार और बीकॉम तृतीय वर्ष के आकाश वर्मा पर आरोप लगा था कि उन्होंने हॉस्टल में नव प्रवेशित छात्रों को डराया-धमकाया और उनके साथ गालीगलौज की। शिकायत मिलने पर अधीक्षक ने दोनों छात्रों का हॉस्टल में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। वहीं, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा था। छात्रों की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर अब दोनों को किसी भी छात्रावास की सुविधा पाने के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है।
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चीफ प्रॉक्टर ने दोनों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी हॉस्टल या विश्वविद्यालय परिसर में नए छात्रों से इस तरह का व्यवहार न करें। साथ ही अन्य छात्रों को भी चेतावनी जारी की गई है कि वे भी अपना व्यवहार संयमित रखे। अगर किसी नव प्रवेशित छात्र या अपने जूनियर छात्र से कोई बदलसलूकी करता है तो रैगिंग का आरोप सिद्ध होने पर हॉस्टल एवं विश्वविद्यालय से निष्कासन किया जा सकता है और मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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