Prayagraj : एक साथ उठीं दो चिताएं, बिलखते रहे परिजन, अंतिम विदाई को उमड़ा गांव
सोरांव क्षेत्र के बढ़ैया के रहने वाले भाई-बहन की गुजरात के सूरत शहर में बुधवार शाम उसके सगे बहनोई ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। सास भी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं।
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क्षेत्र के बढ़ैया के रहने वाले भाई-बहन की गुजरात के सूरत शहर में बुधवार शाम उसके सगे बहनोई ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। सास भी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं। भाई-बहन का शव शनिवार को बढ़ैया गांव में पहुंचा अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों ग्रामीण की भीड़ उमड़ पड़ी। एक साथ उठीं भाई-बहन की चिताएं देख हर कोई स्तब्ध था। माता अपने बच्चों से लिपटकर बिलखती रही। पिता की आंखें भी पथरा गईं।
बढ़ैया निवासी अशोक कुमार कश्यप का दामाद संदीप गौड़ हंडिया के सियवारे (टेला) का रहने वाला है। वह सूरत में नौकरी करता है। हफ्ते भर पहले संदीप गौड़ की पत्नी वर्षा उर्फ स्वीटी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। उन्हें देखने और स्टेनो बेटे निश्चय कश्यप (24) की शादी की खरीदारी करने के लिए मां शकुंतला बेटे और बेटी ममता (22) के साथ चार अक्तूबर को दामाद के यहां गई थीं।
आठ अक्तूबर की रात दामाद संदीप का किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि संदीप ने चाकू से गोदकर साले निश्चय और साली ममता की हत्या कर दी। बीच बचाव करने पहुंची सास शकुंतला को भी जख्मी कर दिया। शनिवार सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे एंबुलेंस से दोनों के शव आसपास के गांवों के लोग जमा हो गए। परिजनों ने भाई-बहन के शव का फाफामऊ स्थित गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
तीन बहनों में इकलौता था निश्चय कश्यप
निश्चय कश्यप अपने तीन बहनों में इकलौता भाई था। परिजनों ने बताया कि संदीप गौड़ की पत्नी वर्षा ने करीब पखवाड़े भर पहले बच्चों का जन्म दिया था। इस दौरान संदीप गौड़ ने अपने साल से एक लाख रुपए की मांग कर रहा था। साले निश्चय कश्यप ने अपनी शादी नजदीक होने का हवाला देते हुए एक लख रुपए देने में असमर्थता जताते हुए मात्र 70 हजार रुपए फोन पे के माध्यम से अपने बहनोई को दिया था। उधर निश्चय की शादी करीब होने के चलते उसके बहनोई ने सस्ते तथा अच्छे कपड़े दिलवाने का आश्वासन दिया था। तथा नवजात बच्चे को देखने के लिए शकुंतला अपने बेटी ममता और बेटे निश्चय कश्यप के साथ सूरत पहुंची थी। परिजनों ने आशंका जताई कि बहनोई द्वारा साल की हत्या प्रापर्टी हड़पने के उद्देश्य से की गई।
निश्चय की 29 नवंबर को देल्हूपुर जाने थी बरात
निश्चय कश्यप की शादी तय हो चुकी थी। जिसकी बारात 29 नवंबर को प्रतापगढ़ जनपद के देल्हूपुर थाना अंतर्गत खरवाई गांव की रहने वाली युवती प्रगति से विवाह होना था। अपने होने वाले पति की मौत की खबर सुन प्रगति भी पहुंची और अपने होने वाले पति का शव देखकर दहाड़ मार के रोने लगी।