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परीक्षा से दो दिन पहले कम हो गए 46 पद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 26 Nov 2016 02:10 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) के 46 पदों को वापस ले लिया गया है। आरओ-एआरओ की परीक्षा 27 नवंबर को है। दो दिन पहले पद कम जिए जाने का परीक्षार्थियों ने विरोध किया है। आयोग की ओर से बताया गया कि पूर्व में विज्ञापित उत्तर प्रदेश सचिवालय के लिए समीक्षा अधिकारी हिंदी के सामान्य चयन के 13 पदों, विशेष चयन के एक पद एवं समीक्षा अधिकारी उर्दू के सामान्य चयन के 12 पदों व विशेष चयन के चार पदों को शासन के अनुरोध पर चयन प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। इन पदों के लिए भर्ती बाद में की जाएगी।
आयोग के सचिव अटल कुमार राय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय के तहत समीक्षा अधिकारी के सामान्य चयन के चार पदों तथा सहायक समीक्षा अधिकारी के 12 पदों के अधियाचन को शासन ने निरस्त कर दिया है। उधर, अंतिम समय में आरओ-एआरओ के पदों को कम किए जाने का प्रतियोगी छात्रों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि जब एक-एक पद के लिए लड़ाई चल रही हो ऐसे समय में 46 पद कम किया जाना उनके साथ धोखा है।
बता दें कि आयोग की ओर से पूर्व में घोषित आरओ-एआरओ के 361 पदों में से 356 पद सामान्य चयन के हैं। इसमें पांच पद बैगलाग के हैं। विज्ञापन में आरओ-एआरओ के अलावा 19 विभागों के लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार, अन्वेषक सह संगणक, सहायक मलेरिया अधिकारी, कनिष्ठ लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार, निरीक्षक माप विज्ञान के पद शामिल हैं। अब नवंबर को होने वाली परीक्षा 315 पदों के लिए होगी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 27 नवंबर को होने वाली समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) परीक्षा-2016 की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोग की ओर से आरओ-एआरओ परीक्षा प्रदेश के 21 जिले के 827 केंद्रों पर होगी। इस परीक्षा में कुल 3.85 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे।
नोटबंदी से परेशान प्रतियोगी छात्रों की उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परेशानी और बढ़ा दी है। परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रदेश भर में दूर-दराज के शहरों में बनाया गया है। ऊपर से अब ठंड भी पड़ने लगी है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। इलाहाबाद के परीक्षार्थियों का केंद्र लखनऊ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, बरेली सहित प्रदेश के दूरदराज के शहरों में भेजे जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग परीक्षा छोड़ने की बात कर रहे हैं। परीक्षार्थियों अभय सिंह, राघवेंद्र मिश्र, अमित प्रताप, राजीव तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्रों का कहना है कि लोक सेवा आयोग इलाहाबाद में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था होने के बाद भी दूर-दराज केंद्र भेजकर परीक्षा छोड़ देने को बढ़ावा दे रहा है। उनका कहना है कि लगातार तैयारी करने के बाद उन्हें एक परीक्षा का मौका मिलता है, इसी बीच आयोग ऐसी परिस्थिति उत्पन्न कर देता है कि उन्हें परीक्षा छोड़नी पड़ती है।
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आयोग के सचिव अटल कुमार राय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय के तहत समीक्षा अधिकारी के सामान्य चयन के चार पदों तथा सहायक समीक्षा अधिकारी के 12 पदों के अधियाचन को शासन ने निरस्त कर दिया है। उधर, अंतिम समय में आरओ-एआरओ के पदों को कम किए जाने का प्रतियोगी छात्रों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि जब एक-एक पद के लिए लड़ाई चल रही हो ऐसे समय में 46 पद कम किया जाना उनके साथ धोखा है।
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बता दें कि आयोग की ओर से पूर्व में घोषित आरओ-एआरओ के 361 पदों में से 356 पद सामान्य चयन के हैं। इसमें पांच पद बैगलाग के हैं। विज्ञापन में आरओ-एआरओ के अलावा 19 विभागों के लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार, अन्वेषक सह संगणक, सहायक मलेरिया अधिकारी, कनिष्ठ लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार, निरीक्षक माप विज्ञान के पद शामिल हैं। अब नवंबर को होने वाली परीक्षा 315 पदों के लिए होगी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 27 नवंबर को होने वाली समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) परीक्षा-2016 की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोग की ओर से आरओ-एआरओ परीक्षा प्रदेश के 21 जिले के 827 केंद्रों पर होगी। इस परीक्षा में कुल 3.85 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे।
नोटबंदी से परेशान प्रतियोगी छात्रों की उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परेशानी और बढ़ा दी है। परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रदेश भर में दूर-दराज के शहरों में बनाया गया है। ऊपर से अब ठंड भी पड़ने लगी है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। इलाहाबाद के परीक्षार्थियों का केंद्र लखनऊ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, बरेली सहित प्रदेश के दूरदराज के शहरों में भेजे जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग परीक्षा छोड़ने की बात कर रहे हैं। परीक्षार्थियों अभय सिंह, राघवेंद्र मिश्र, अमित प्रताप, राजीव तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्रों का कहना है कि लोक सेवा आयोग इलाहाबाद में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था होने के बाद भी दूर-दराज केंद्र भेजकर परीक्षा छोड़ देने को बढ़ावा दे रहा है। उनका कहना है कि लगातार तैयारी करने के बाद उन्हें एक परीक्षा का मौका मिलता है, इसी बीच आयोग ऐसी परिस्थिति उत्पन्न कर देता है कि उन्हें परीक्षा छोड़नी पड़ती है।