{"_id":"5cfeb4dfbdec22073c2c9bc5","slug":"tuglak-will-be-always-remembered","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमेशा खलेगी ‘तुगलक’ की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमेशा खलेगी ‘तुगलक’ की कमी
Tue, 11 Jun 2019 01:22 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:22 AM IST
विज्ञापन
गिरीश कर्नाड
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय रंगमंच के चार शीर्षों में से एक नाटककार, अभिनेता, निर्देशक एवं सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश कर्नाड का जाना संगमनगरी के रंगकर्मियों को भी स्तब्ध और आहत कर गया है। वह एक नाटककार ही नहीं एक सशक्त अभिनेता के साथ जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। फिल्म स्वामी में उन्होंने यादगार भूमिका अदा की थी। वह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
विज्ञापन
हालांकि रंगकर्म या किसी अन्य समारोह में उनका सीधे तौर पर यहां आना संभव नहीं हो सका लेकिन उनका यहां के रंगकर्मियों से संवाद और उनके प्रति उनका लगाव हमेशा बना रहा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ड्रामा विभाग और इलाहाबाद संग्रहालय की ओर से भी उन्हें यहां बुलाने की कई कोशिशें हुईं लेकिन बेमानी रहीं। इसी तरह समानांतर के ‘मैं और मेरा रंगकर्म’ के तहत व्याख्यान के लिए भी उन्हें आना था, पर अस्वस्थता के कारण बार-बार उनका आना टलता रहा। इस वर्ष अगस्त में आने के लिए उन्होंने हामी भरी थी लेकिन अब वह मौका कभी नहीं आएगा।
विज्ञापन
कई नाटकों के हुए कई शो
गिरीश के नाटक स्थानीय रंगकर्मियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। उनके कई नाटकों केकई-कई शो हुए। सबसे पहले ‘थ्री एज’ की ओर से उनका नाटक ‘तुगलक’ और ‘हयबदन’ मंचित किया गया। फिर सदा आर्ट्स की ओर से भी ‘तुगलक’ को मंच की भाषा मिली। रंगनिर्देशक ब.ब.कारंत ने भी भारत भवन रंगमंडल की ओर से प्रयाग संगीत समिति के मुक्तांगन में ‘हयबदन’ का मंचन किया था। संस्था आस्था की ओर से भी ‘हयबदन’ मंचित किया गया। संस्था रूपकथा के नाट्योत्सव में नीलम मानसिंह चौधरी के निर्देशन और बाद में संस्था सॉफ्ट पॉवर ऑर्ट ऐंड कल्चर सोसाइटी की ओर से भी ‘नागमंडल’ मंचित किया गया। बीते दिनों बुनियाद फाउंडेशन की ओर से ‘ययाति’ के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा था।
विज्ञापन
कर्नाड की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आज
नाट्य संस्था समानांतर की ओर से नाटककार, अभिनेता गिरीश कर्नाड की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के विस्तार केंद्र में शाम 6.30 बजे।