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ओवरलोडिंग से रोजाना करोड़ों के राजस्व की चपत
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Truck Overloading in Prayagraj
सख्ती के बावजूद आरटीओ की कार्रवाई का नतीजा न के बराबर
रोज गुजरते हैं दो हजार से अधिक ओवरलोड ट्रक
प्रयागराज। शासन की सख्ती के बावजूद संगमनगरी में ओवरलोडिंग का खुला खेल चल रहा है। गिट्टी, बालू,सिलका सैंड से लदे ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई तो दूर, उनको बाकायदे पास करा दिया जाता है। संभागीय परिवहन विभाग, पुलिस व ट्रांसपोर्टर के इस खेल में प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लगाई जा रही है। ऐसा तब है, जब ओवरलोडिंग रोकने के लिए आरटीओ की ओर से पांच टीमें गठित की गई हैं। लेकिन, नतीजा शून्य है। आंकड़े बताते हैं कि आरटीओ की यह टीमें ओवरलोडिंग की जांच के नाम पर खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं करतीं।
मानक से दो या तीन गुना अधिक गिट्टभनी, बालू और सिलका सैंड का परिवहन किया जा रहा है। मेजा, कोहड़ार व घूरपुर के रास्ते एक हजार से अधिक गिट्टी लदे ट्रक और एक हजार के ही आसपास बालू लदे ट्रक प्रतिदिन गुजर रहे हैं। जिले से गिट्टी बालू का परिवहन फैजाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, बस्ती व आसपास के इलाकों के लिए किया जा रहा है। मानक के अनुसार परमिट तो नौ घन मीटर गिट्टी या बालू एक ट्रक पर लादने का जारी किया जाता है, लेकिन 18, 22, 25 व 28 घन मीटर तक खनिज ट्रकों पर लादकर परिवहन किया जा रहा है। ऐसे में प्रतिदिन करोड़ों रुपये की सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है।
इतना ही नहीं, रात को इन मार्गों पर पांच सौ से अधिक ऐसे भी ट्रक गुजर रहे हैं जो बेपरमिट होते हैं। ऐसे में आरटीओ की ओर से ओवरलोडिंग रोकने के लिए गठित की गई पांच टीमों की बीते अक्तूबर महीने की कार्रवाई हैरान कर देने वाली है। आरटीओ की इन पांचों टीमों ने मिलकर इन मार्गों पर महीने भर में सिर्फ 152 ओवरलोड ट्रकों का चालान किया और 88 ट्रक बंद किए जा सके।
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आरटीओ की पांच टीमों ने महीने भर में पकड़े सिर्फ 152 ओवरलोड ट्रक
प्रयागराज। ओवर लोडिंग रोकने के लिए गठित पांच टीमों में तीन टीमों का नेतृत्व सहायक संभागीय पविहन अधिकारियों को दिया गया है। जबकि दो टीमों का नेतृत्व परिवहन टैक्स अफसर संभाल रहे हैं। अक्तूबर महीने में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े पर नजर डालें तो रोजाना दो हजार से अधिक ऐसे ट्रक गुजर रहे हैं, लेकिन महीने भर में चालान सिर्फ 152 का ही किया जा सका। एआरटीओ प्रथम अलका शुक्ला की टीम ने 51 ट्रकों का चालान किया और 40 ट्रक बंद किए।
इसी तरह एआरटीओ द्वितीय भूपेश कुमार गुप्ता ने 53 ट्रकों का चालान किया और 21 ट्रक बंद किए हैं। आरटीओ तृतीय सुरेश कुमार मौर्य ने 29 ओवरलोड वाहनों का चालान किया और 18 वाहन बंद किया है। इनके अलावा पीटीओ सुरेंद्र सिंह प्रथम ने 17 वाहनों का चालान किया और नौ वाहनों को बंद कराया। जबकि पीटीओ द्वितीय विक्रांत सिंह महीने भर में सिर्फ दो ट्रकों का ही चालान कर सके हैं।
ओवरलोडिंग की शिकायतें मिल रही हैं। वह ऐसे मार्गों पर खुद नजर रखेंगे और ओवरलोडिंग के इस धंधे को चलने नहीं देंगे। -आरके सिंह, आरटीओ(प्रवर्तन)।
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रोज गुजरते हैं दो हजार से अधिक ओवरलोड ट्रक
प्रयागराज। शासन की सख्ती के बावजूद संगमनगरी में ओवरलोडिंग का खुला खेल चल रहा है। गिट्टी, बालू,सिलका सैंड से लदे ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई तो दूर, उनको बाकायदे पास करा दिया जाता है। संभागीय परिवहन विभाग, पुलिस व ट्रांसपोर्टर के इस खेल में प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लगाई जा रही है। ऐसा तब है, जब ओवरलोडिंग रोकने के लिए आरटीओ की ओर से पांच टीमें गठित की गई हैं। लेकिन, नतीजा शून्य है। आंकड़े बताते हैं कि आरटीओ की यह टीमें ओवरलोडिंग की जांच के नाम पर खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं करतीं।
मानक से दो या तीन गुना अधिक गिट्टभनी, बालू और सिलका सैंड का परिवहन किया जा रहा है। मेजा, कोहड़ार व घूरपुर के रास्ते एक हजार से अधिक गिट्टी लदे ट्रक और एक हजार के ही आसपास बालू लदे ट्रक प्रतिदिन गुजर रहे हैं। जिले से गिट्टी बालू का परिवहन फैजाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, बस्ती व आसपास के इलाकों के लिए किया जा रहा है। मानक के अनुसार परमिट तो नौ घन मीटर गिट्टी या बालू एक ट्रक पर लादने का जारी किया जाता है, लेकिन 18, 22, 25 व 28 घन मीटर तक खनिज ट्रकों पर लादकर परिवहन किया जा रहा है। ऐसे में प्रतिदिन करोड़ों रुपये की सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है।
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इतना ही नहीं, रात को इन मार्गों पर पांच सौ से अधिक ऐसे भी ट्रक गुजर रहे हैं जो बेपरमिट होते हैं। ऐसे में आरटीओ की ओर से ओवरलोडिंग रोकने के लिए गठित की गई पांच टीमों की बीते अक्तूबर महीने की कार्रवाई हैरान कर देने वाली है। आरटीओ की इन पांचों टीमों ने मिलकर इन मार्गों पर महीने भर में सिर्फ 152 ओवरलोड ट्रकों का चालान किया और 88 ट्रक बंद किए जा सके।
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आरटीओ की पांच टीमों ने महीने भर में पकड़े सिर्फ 152 ओवरलोड ट्रक
प्रयागराज। ओवर लोडिंग रोकने के लिए गठित पांच टीमों में तीन टीमों का नेतृत्व सहायक संभागीय पविहन अधिकारियों को दिया गया है। जबकि दो टीमों का नेतृत्व परिवहन टैक्स अफसर संभाल रहे हैं। अक्तूबर महीने में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े पर नजर डालें तो रोजाना दो हजार से अधिक ऐसे ट्रक गुजर रहे हैं, लेकिन महीने भर में चालान सिर्फ 152 का ही किया जा सका। एआरटीओ प्रथम अलका शुक्ला की टीम ने 51 ट्रकों का चालान किया और 40 ट्रक बंद किए।
इसी तरह एआरटीओ द्वितीय भूपेश कुमार गुप्ता ने 53 ट्रकों का चालान किया और 21 ट्रक बंद किए हैं। आरटीओ तृतीय सुरेश कुमार मौर्य ने 29 ओवरलोड वाहनों का चालान किया और 18 वाहन बंद किया है। इनके अलावा पीटीओ सुरेंद्र सिंह प्रथम ने 17 वाहनों का चालान किया और नौ वाहनों को बंद कराया। जबकि पीटीओ द्वितीय विक्रांत सिंह महीने भर में सिर्फ दो ट्रकों का ही चालान कर सके हैं।
ओवरलोडिंग की शिकायतें मिल रही हैं। वह ऐसे मार्गों पर खुद नजर रखेंगे और ओवरलोडिंग के इस धंधे को चलने नहीं देंगे। -आरके सिंह, आरटीओ(प्रवर्तन)।