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तीन तलाक देने वाला ‘पंचों’ के फरमान पर थाने से छूटा

Thu, 03 Jun 2021 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 02:10 AM IST
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Triple Talaq: The one who gave triple talaq to his wife in old age was released from the police station on the orders of 'Panchos'
triple talaq - फोटो : amar ujala

बेकार गई पीड़िता सुखिया की गुहार, दर्ज नहीं हुआ मुकदमा, थाने में बैठी पंचायत
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सुराज अहमद के दिए तीन तलाक पर होगा अमल, लेकिन गुजारे को 3500 रुपये महीना देगा

दुनका। वो दो दिन तक थाने में इंसाफ की गुहार लगाती रही। उसने उम्र के इस पड़ाव पर उसे ‘तलाक ..तलाक.. तलाक’ बोलकर बेघर करने वाले शौहर को सजा दिलाने की भरसक कोशिश की। लेकिन थाने की सरकारी कुर्सियों पर बैठी पंचायत का फरमान तीन तलाक के खिलाफ बने कानून पर भारी पड़ गया। पंचों ने हुक्म सुनाया कि तलाक तो अमल में आएगा लेकिन शौहर पीड़िता को हर माह साढ़े तीन हजार रुपये गुजारे को देगा।
पंचों का फरमान पुलिस ने भी सिर माथे लगाया और आरोपी सुराज अहमद को हवालात से निकालकर घर भेज दिया। मामला शाही थाना क्षेत्र के कस्बा दुनका का है। तलाक पीड़िता सुखिया की उम्र 60 वर्ष है। उसके चार बेटियां और दो बेटे हैं। सभी की शादी हो चुकी है। पूरा जीवन पति के सुख दुख में भागी रही सुखिया को उसके पति सिराज अहमद ने उम्र के इस पढ़ाव पर तीन तलाक देकर सोमवार को घर से निकाल दिया था।
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पीड़िता ने दामाद के साथ थाने पहुंचकर पति और दोनों बेटों के खिलाफ तहरीर दी थी। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मंगलवार को आरोपी सुराज अहमद को हिरासत में ले लिया था। लेकिन पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पति के हिरासत में आते ही मामले में समझौते की कोशिशें शुरू हो गईं। लेकिन मंगलवार को सुखिया अपने पति और बेटों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ी रही। बुधवार को थाने में ही गांव के कुछ लोगों ने पंचायत की और फैसला सुनाया कि शौहर ने तीन बार तलाक बोल दिया है तो सुखिया को रहना तो अब पति से अलग ही होगा। लेकिन पति उसे हर महीने गुजारा करने के लिए साढ़े तीन हजार रुपये देगा। इसके अलावा उसे रहने के लिए एक कमरे का मकान भी देना होगा।
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एक तरफ पुलिस मुकदमा लिखने को तैयार नहीं थी। दूसरी तरफ पंचों और रिश्तेदारों का दबाव था। इसलिए सुखिया ने पंचों का फैसला स्वीकार कर लिया और थाने से चली गई। इसी फैसले के आधार पर पुलिस ने भी मामले को रफादफा कर दिया है।

क्या थी तीन तलाक देने की वजह

- भट्ठे पर काम करने वाले सुराज अहमद ने अपनी सबसे छोटी बेटी सुबीना की शादी ढाई साल पहले जाफरपुर थाना शीशगढ़ में तय की थी। लेकिन सुबीना को लडका पसंद नहीं था इसलिए उसने पिता द्वारा किया गया रिश्ता ठुकराकर गांव के ही अपनी पसंद के लड़के से निकाह कर लिया था। तभी से सुबीना का मायके आना बंद था। एक सप्ताह पूर्व सुबीना ने बेटे को जन्म दिया तो सोमवार को उसका पति मिठाई लेकर ससुराल पहुंचा। सिराज की पत्नी सुखिया ने दामाद की लाई मिठाई रख ली थी। इसी बात पर सिराज ने दोनों बेटों के साथ मिलकर पत्नी को पीटा और फिर तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया था।
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