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मुख्य सचिव से नहीं मिल पाईं त्रिकाल भवंता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:46 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बतौर शंकराचार्य माघ मेले में भूमि और सुविधा न दिए जाने से नाराज महिला धर्मगुरु त्रिकाल भवंता ने फिर प्रशासन पर भेदभाव, दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। कहा, अखाड़ा परिषद के इशारे पर उन्हें मुख्य सचिव से मिलने से रोका गया।
त्रिकाल भवंता के मुताबिक जब वह प्रशासन के वीवीआई कैंप में मुख्य सचिव से मुलाकात करने पहुंचीं तो अधिकारियों के आदेश पर महिला पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। वह मुख्य सचिव से जमीन और सुविधाओं की बाबत मुलाकात करने की दुहाई देती रहीं लेकिन उनकी एक न सुनी गई। महिला पुलिस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस धक्कामुक्की में वह जमीन पर गिर पड़ीं।
इसके बाद उन्हें मेला क्षेत्र के त्रिवेणी रोड स्थित चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया। उनका पुरजोर तरीके से कहा कि पूरे प्रकरण के विरोध में आंदोलन करेंगे, जिसकी शुरुआत संगमनोज से होगी। आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए महिला संतों की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी।
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त्रिकाल भवंता के मुताबिक जब वह प्रशासन के वीवीआई कैंप में मुख्य सचिव से मुलाकात करने पहुंचीं तो अधिकारियों के आदेश पर महिला पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। वह मुख्य सचिव से जमीन और सुविधाओं की बाबत मुलाकात करने की दुहाई देती रहीं लेकिन उनकी एक न सुनी गई। महिला पुलिस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस धक्कामुक्की में वह जमीन पर गिर पड़ीं।
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इसके बाद उन्हें मेला क्षेत्र के त्रिवेणी रोड स्थित चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया। उनका पुरजोर तरीके से कहा कि पूरे प्रकरण के विरोध में आंदोलन करेंगे, जिसकी शुरुआत संगमनोज से होगी। आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए महिला संतों की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी।
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