{"_id":"6a04e7fd078f9bc9e70f8ca3","slug":"trial-of-vehicles-will-start-on-the-six-lane-bridge-from-september-allahabad-news-c-3-ald1020-884245-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: सितंबर से छह लेन के पुल पर शुरू होगा वाहनों का ट्रायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: सितंबर से छह लेन के पुल पर शुरू होगा वाहनों का ट्रायल
विज्ञापन
गंगा नदी पर स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक बन रहे छह लेन के पुल पर वाहनों का ट्रायल सितंबर माह में शुरू हो जाएगा। ट्रायल पूरा होने के बाद अक्तूबर तक पुल को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अभी तक छह लेन के पुल का 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
पुल पर अभी पांच सेगमेंट का काम अधूरा है, जिसे पूरा करने में करीब दो महीने का समय लग जाएगा। इसके बाद पुल की फिनिशिंग का काम शुरू होगा, जिसमें एक महीने का समय लगने की संभावना है। इसके बाद सितंबर तक पुल पर वाहनों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस पुल के बनने से लखनऊ तक के सफर का समय कम हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को तेलियरगंज व फाफामऊ पुल पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
-- -- -- -- -- --
पुल की खासियत
1- 16 फरवरी 2021 को पुल का निर्माण शुरू हुआ।
2- लगभग 9.90 किमी लंबे पुल का पांच किमी से अधिक हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है।
3- यह प्रदेश का पहला एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज है, जो आधुनिक तकनीकी से लैस है।
4- इसमें दोनों तरफ पैदल और साइकिल चालकों के लिए भी मार्ग का प्रावधान किया गया है।
-- -- -- -- -- --
पांच किमी के हिस्से में लगेंगी फसाड लाइट
छह लेन के इस पुल का पांच किमी हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है। पुल के इस हिस्से में 44 केबल लगेंगे। इस पांच किमी के हिस्से को फसाड लाइट से सजाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक ये फसाड लाइट तिरंगा के रंग की होंगी। ऐसे में नैनी यमुना पुल की तरह यह पुल भी किसी पिकनिक स्पॉट से कम नहीं होगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
पुल का 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तीन महीने के भीतर पुल पर सिगमेंट डालने के साथ फिनिशिंग का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद सितंबर में पुल पर वाहनों का ट्रायल और अक्तूबर में इसे हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - सुनीत सिंगला, परियोजना निदेशक, एसपी सिंगला
विज्ञापन
पुल पर अभी पांच सेगमेंट का काम अधूरा है, जिसे पूरा करने में करीब दो महीने का समय लग जाएगा। इसके बाद पुल की फिनिशिंग का काम शुरू होगा, जिसमें एक महीने का समय लगने की संभावना है। इसके बाद सितंबर तक पुल पर वाहनों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस पुल के बनने से लखनऊ तक के सफर का समय कम हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को तेलियरगंज व फाफामऊ पुल पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
पुल की खासियत
1- 16 फरवरी 2021 को पुल का निर्माण शुरू हुआ।
2- लगभग 9.90 किमी लंबे पुल का पांच किमी से अधिक हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है।
3- यह प्रदेश का पहला एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज है, जो आधुनिक तकनीकी से लैस है।
4- इसमें दोनों तरफ पैदल और साइकिल चालकों के लिए भी मार्ग का प्रावधान किया गया है।
पांच किमी के हिस्से में लगेंगी फसाड लाइट
छह लेन के इस पुल का पांच किमी हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है। पुल के इस हिस्से में 44 केबल लगेंगे। इस पांच किमी के हिस्से को फसाड लाइट से सजाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक ये फसाड लाइट तिरंगा के रंग की होंगी। ऐसे में नैनी यमुना पुल की तरह यह पुल भी किसी पिकनिक स्पॉट से कम नहीं होगा।
विज्ञापन
पुल का 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तीन महीने के भीतर पुल पर सिगमेंट डालने के साथ फिनिशिंग का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद सितंबर में पुल पर वाहनों का ट्रायल और अक्तूबर में इसे हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - सुनीत सिंगला, परियोजना निदेशक, एसपी सिंगला