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Health : इंडोस्कोपी विधि से संभव है डायबिटीज का इलाज, पिछले दो वर्ष से हो रहे रिसर्च के परिणाम सकारात्मक

Mon, 30 Sep 2024 01:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 30 Sep 2024 01:57 PM IST
सार

रविवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की 25वीं एएमए कॉन-2024 में हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. नागेश्वर रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, छोटी आंत में एक उपकरण लगाने से पाचन क्रिया मध्यम हो जाती है और हार्मोन की मात्रा को नियंत्रण करती है।

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Treatment of diabetes is possible through endoscopy method
एएमएकॉन में हिस्सा लेते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मधुमेह से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। टाइप-2 डायबिटीज का इलाज इंडोस्कोपी विधि से किया जा सकता है। पिछले दो वर्षों से चल रहे रिसर्च के परिणाम सकारात्मक है। रविवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की 25वीं एएमए कॉन-2024 में हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. नागेश्वर रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, छोटी आंत में एक उपकरण लगाने से पाचन क्रिया मध्यम हो जाती है और हार्मोन की मात्रा को नियंत्रण करती है। उनके मुताबिक, अभी तक जो परिणाम आए हैं वह सकारात्मक हैं।

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नई दिल्ली एम्स के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के डॉ. प्रमोद गर्ग ने डॉ. अनूप त्रिपाठी ओरेशन के तहत पैंक्रियाटाइटिस पर अपने व्याख्यान में बताया कि अग्नाशयशोथ पेट के पीछे स्थित अग्न्याशय की सूजन है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन का उत्पादन करती है। यह तीव्र या दीर्घकालिक हो सकता है। यह पित्त पथरी या अत्यधिक शराब के सेवन के कारण होता है। उन्होंने बताया कि समय से इलाज कराने पर क्रोनिक अग्नाशयशोथ से संबंधित दर्द को रोका जा सकता है।
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जोधपुर एसएन मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील दाधीच ने बताया कि जलोदर पेट में तरल पदार्थ जमा होने से होता है। यह अक्सर सिरोसिस के कारण होता है। सिरोसिस है और वजन तेजी से बढ़ रहा है तो अपने चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। जलोदर के उपचार के लिए आहार में सोडियम को सीमित रखना जरूरी है।
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सेमिनार में लगभग 450 चिकित्सक शामिल हुए। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. कमल सिंह, सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. अनूप चौहान, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. आरकेएस चौहान, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. राजेश मौर्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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