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दिल्ली-हावड़ा रूट पर दीवारों के बीच दौड़ेंगी ट्रेनें
Sat, 11 May 2019 08:00 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 11 May 2019 08:00 PM IST
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देश के सबसे व्यस्त रेलखंड दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने इस रूट के तमाम रेलखंडों पर दीवारें बनाने का निर्णय लिया है। एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में बीते एक माह के दौरान 227 आवारा पशुओं के ट्रेनों से कटने की घटना के बाद रेलवे ने सिर्फ इलाहाबाद मंडल में ही 330 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को दोनों ओर से दीवार से कवर करने की तैयारी की है। जल्द ही यह काम शुरू हो जाएगा। दीवार बनने के बाद वंदे भारत एवं अन्य वीआईपी ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं पर भी कमी आ सकती है।
दरअसल, पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) से दिल्ली के बीच का अधिकांश भाग एनसीआर के ही अधीन है। इस रेलखंड पर हर रोज 500 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही है। इस रेलखंड पर आए दिन ट्रेनों से जानवर कटने की वजह से रेल संचालन बाधित होता है। वंदे भारत समेत तमाम वीआईपी ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर पड़ता है। रेलवे ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बनाने का निर्णय लिया गया है।
अभी उन स्थानों पर बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी, जहां जानवरों की ज्यादा आवाजाही है। पहले चरण में 128 किमी लंबी दीवार बनाई जाएगी। इसमें डीडीयू और इलाहाबाद जंक्शन के बीच 26, कानपुर-रूरा के मध्य 20, रूरा-टूंडला के मध्य 40 एवं टूंडला-गाजियाबाद के मध्य 42 किलोमीटर की दीवार बनेगी। इसके बाद द्वितीय चरण में उक्त सभी रेलखंडों में 53-53 किमी यानी की 212 किमी बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने बताया कि दीवार बनने के बाद आवारा जानवरों की जहां चहलकदमी रुकेगी तो वहीं दूसरी ओर रेल संचालन भी सुरक्षित होगा।
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दरअसल, पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) से दिल्ली के बीच का अधिकांश भाग एनसीआर के ही अधीन है। इस रेलखंड पर हर रोज 500 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही है। इस रेलखंड पर आए दिन ट्रेनों से जानवर कटने की वजह से रेल संचालन बाधित होता है। वंदे भारत समेत तमाम वीआईपी ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर पड़ता है। रेलवे ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैक किनारे बाउंड्रीवाल बनाने का निर्णय लिया गया है।
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अभी उन स्थानों पर बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी, जहां जानवरों की ज्यादा आवाजाही है। पहले चरण में 128 किमी लंबी दीवार बनाई जाएगी। इसमें डीडीयू और इलाहाबाद जंक्शन के बीच 26, कानपुर-रूरा के मध्य 20, रूरा-टूंडला के मध्य 40 एवं टूंडला-गाजियाबाद के मध्य 42 किलोमीटर की दीवार बनेगी। इसके बाद द्वितीय चरण में उक्त सभी रेलखंडों में 53-53 किमी यानी की 212 किमी बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने बताया कि दीवार बनने के बाद आवारा जानवरों की जहां चहलकदमी रुकेगी तो वहीं दूसरी ओर रेल संचालन भी सुरक्षित होगा।
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