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बाल्यकाल से धार्मिक और आध्यात्मिक बातों का देना चाहिए प्रशिक्षण : मिलिंद परांडे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2025 02:00 AM IST
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Training in religious and spiritual things should be given from childhood
महाकुंभ नगर स्थित विश्व हिंदू परिषद के शिविर में मातृ शक्ति-दुर्गा वाहिनी के अखिल भारतीय के तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग के समापन पर संगठन के महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि सभी घरों में बच्चों को बाल्यकाल से धार्मिक और आध्यात्मिक बातों का प्रशिक्षण देना चाहिए। बाद में सिखाएंगे, यह सोचने से बहुत देर हो जाती है। इतना ही नहीं पारिवारिक सत्संग में धार्मिक एवं राष्ट्रीय विषयों की चर्चा भी करनी चाहिए।
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महामंत्री मिलिंद परांडे ने आगे कहा कि भारत का जन्मदर 1.9 प्रतिशत एवं 2.1 प्रतिशत रिप्लेसमेट रेट है। इससे कम जन्म दर होने से जनसंख्या घटती है। सबसे कम जन्म दर जैन समाज में 1.2 प्रतिशत है। देश में मुसलमानों का जन्मदर अधिक है। उन्होंने कहा कि विगत दो दिनों से हुए सत्रों के विषय पाथेय के रूप में मिले हैं, जिसका अनुकरण आगे करना है। हम दो कारणों से काम कर रहे हैं। कुरीतियां बहुत आ गई हैं।
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अनेक व्यवस्थाएं नष्ट हो गई हैं। जीवन मूल्य सार्वकालिक है। कहा कि समाज की धारणा धर्म का एक पहलू है। 1964 में विहिप की स्थापना बहुत विचार के बाद हुई। अनेक क्षेत्रों के संगठन बने। ऐसे सामाजिक समूहों का हिस्सा ही विश्व हिन्दू परिषद है। कहा कि कुछ बिंदुओं पर कार्य करने की जरूरत है। इसमें कुंटुब प्रबोधन, पर्यावरण, समरसता, स्व का जागरण एवं अच्छे नागरिक प्रमुख रूप से शामिल है। इस अवसर पर मातृशक्ति प्रमुख व वर्ग प्रमुख मीनाक्षी ताई पिशवे एवं प्रज्ञा आदि मौजूद रहीं।
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