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केंद्र की नीतियों के खिलाफ गरजे ट्रेड यूनियन

Sat, 03 Aug 2019 01:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 01:00 AM IST
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Trade unions against central policies
Trade unions against central policies - फोटो : CITY DESK
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध दिवस
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0 श्रम कानून 2019 के कई प्रावधानों तथा निजीकरण के विरोध में अलग-अलग संगठनों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। श्रम कानून 2019 के कई प्रावधानों तथा रेलवे समेत अन्य विभागों में निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी तथा मजदूरों यूनियनों ने शुक्रवार को विरोध दिवस मनाया। केंद्र सरकार की नीतियों को कर्मचारी और मजदूर विरोधी बताते हुए उन्होंने प्रदर्शन किया तथा ज्ञापन सौंपा।
केंद्रीय श्रम, कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के बैनर तले कर्मचारियों और मजदूरों का कलक्ट्रेट में जमावड़ा हुआ। इंटक, एटक, सीटू, एक्टू, एआईयूटीयूसी, राज्य कर्मचारी महासंघ आदि संगठन से जुड़े लोगों का कहना था कि नए कानून के माध्यम से सरकार ने कर्मचारियों को मिले सारे अधिकार छीन लिए हैं। न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए लेकिन इसमें 4628 रुपये प्रति रुपये मजदूरी तय की गई है। यह राशि उत्तर प्रदेश में घोषित न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।
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कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट इंप्लाइज एंड वर्कर्स के सहायक महासचिव सुभाष चंद्र पांडेय ने सरकार पर सरकारी संस्थाओं को कारपोरेट के हाथों में बेचने का आरोप लगाया। एटक की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित आठ सूत्रीय मांग का ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शन तथा ज्ञापन सौंपने वालों में रामसागर, जवाहर लाल विश्वकर्मा, देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ.कमल, अवधेश यादव, ऋशेष्वर नाथ उपाध्याय, गायत्री, रवि मिश्रा, मुस्तकीम अहमद आदि शामिल रहे। ओडी फोर्ट कर्मचारी यूनियन के महामंत्री योगेश चंद्र यादव ने अधिनियम तथा कर्मचारी विरोधी अन्य फैसलों पर विस्तार से चर्चा की तथा विरोध जताया। नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइसज संघ के आह्वान पर भी विभिन्न विभागों में विरोध दिवस मनाया गया। मंडल मंत्री गोबिंद सिंह, मंत्री एसके सिंह ने नए कानून की कड़े शब्दों में निंदा की। विरोध करने वालों में सत्यनारायण, एसके सिंह, आलोक सहगल, राकेश चौधरी, राजीव वर्मा, एके पोद्दार, फूृलचंद्र, अनिल यादव आदि शामिल रहे।
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राज्य कर्मचारी फिर आंदोलन की राह पर
0 पुरानी पेंशन समेत 11 सूत्रीय मांग को लेकर बनाई आंदोलन की रणनीति
प्रयागराज। पुरानी पेंशन बहाली समेत 11 सूत्रीय मांग को लेकर राज्य कर्मचारी एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई।

परिषद की ओर से छह अगस्त को मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की गई। जुलूस शाम पांच बजे एसएसपी कार्यालय से कलक्ट्रेट तक निकाला जाएगा। इसके बाद मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 27 अगस्त को कलक्ट्रेट में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। बैठक में जिलाध्यक्ष अजय कुमार भारती, राजेश्वर शुक्ला, राग विराग, विनोद कुमार पांडेय, बीके पांडेय, वनवारी सेठ आदि मौजूद रहे।
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