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Prayagraj News: टोंस का पानी कम, आवागमन की बैरिकेडिंग हटी
Sat, 05 Sep 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 05 Sep 2026 02:09 AM IST
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मेजा में टोंस नदी का जलस्तर नीचे खिसका। मिली राहत। संवाद
टोंस नदी का पानी कम होने से मेजारोड-कोहड़ार मार्ग पर स्थित बरसैता गांव के लोगों को राहत मिली हैै। शुक्रवार को डूबी सड़क से पानी हट गया है। ऐसे में आवागमन फिर शुरू कर दिया गया है। हालांकि, कई गांवों में दुर्गंध निकलनी शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में छिड़काव कराने की मांग की है।
तीन दिन से टोंस का पानी तेजी से बढ़ रहा था जिससे मेजारोड-कोंहड़ार मार्ग पर बरसैता गांव के सामने की सड़क पूरी तरह से डूब गई थी। ऐसेमें पुलिस-प्रशासन ने बरसैता गांव के सामने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को बंद कर दिया था। आवागमन बंद होने से मेजा के 50 गांव के लोग इस रास्ते से कट गए थे। शुक्रवार को टोंस का जलस्तर कम होने के बाद पुलिस प्रशासन ने इस सड़क से आवागमन को शुरू कर दिया है।
बरसैता के क्षेत्र पंचायत सदस्य डॉ. राकेश तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर मांग की कि दुर्गंध से बीमारी फैल सकती है। इसलिए तत्काल छिड़काव कराया जाए। इधर, एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह कोना गांव में राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उनके साथ नायब तहसीलदार मेजा नंद लाल, लेखपाल कुलदीप यादव आदि रहे।
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बारा विधायक ने प्रभावितों को बांटी राहत किट
बारा/जसरा। विधायक डॉ. वाचस्पति ने लोनीपार और सिंहपुर गांव के बाढ़ पीड़ितों का शुक्रवार को हाल जाना। उन्होंने राहत किट वितरित की और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। विधायक ने अधिकारियों को समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम शिखा शंखवार और तहसीलदार अनिल पाठक भी मौजूद रहे। इधर, जसरा के क्षेत्रीय मंडी समिति पर लगातार जलभराव के कारण प्रभावित व्यापारियों की अपील पर विधायक डॉ़ वाचस्पति ने मंडी समिति का दौरा कर सचिव और अधिकारियों को तुरंत पानी निकालने और बिजली व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से ग्रामीण परेशान
कौंधियारा ब्लॉक के खपटिहा गांव में टोंस नदी का पानी कम हो गया है। रैन बसेरा में रह रहे रामसूरत ने बताया कि उन्हें दो दिन से बुखार है। दो-तीन अन्य लोगों को भी जुकाम की शिकायत है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बावजूद अब तक कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी जांच के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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तीन दिन से टोंस का पानी तेजी से बढ़ रहा था जिससे मेजारोड-कोंहड़ार मार्ग पर बरसैता गांव के सामने की सड़क पूरी तरह से डूब गई थी। ऐसेमें पुलिस-प्रशासन ने बरसैता गांव के सामने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को बंद कर दिया था। आवागमन बंद होने से मेजा के 50 गांव के लोग इस रास्ते से कट गए थे। शुक्रवार को टोंस का जलस्तर कम होने के बाद पुलिस प्रशासन ने इस सड़क से आवागमन को शुरू कर दिया है।
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बरसैता के क्षेत्र पंचायत सदस्य डॉ. राकेश तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर मांग की कि दुर्गंध से बीमारी फैल सकती है। इसलिए तत्काल छिड़काव कराया जाए। इधर, एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह कोना गांव में राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उनके साथ नायब तहसीलदार मेजा नंद लाल, लेखपाल कुलदीप यादव आदि रहे।
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बारा विधायक ने प्रभावितों को बांटी राहत किट
बारा/जसरा। विधायक डॉ. वाचस्पति ने लोनीपार और सिंहपुर गांव के बाढ़ पीड़ितों का शुक्रवार को हाल जाना। उन्होंने राहत किट वितरित की और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। विधायक ने अधिकारियों को समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम शिखा शंखवार और तहसीलदार अनिल पाठक भी मौजूद रहे। इधर, जसरा के क्षेत्रीय मंडी समिति पर लगातार जलभराव के कारण प्रभावित व्यापारियों की अपील पर विधायक डॉ़ वाचस्पति ने मंडी समिति का दौरा कर सचिव और अधिकारियों को तुरंत पानी निकालने और बिजली व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से ग्रामीण परेशान
कौंधियारा ब्लॉक के खपटिहा गांव में टोंस नदी का पानी कम हो गया है। रैन बसेरा में रह रहे रामसूरत ने बताया कि उन्हें दो दिन से बुखार है। दो-तीन अन्य लोगों को भी जुकाम की शिकायत है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बावजूद अब तक कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी जांच के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

मेजा में टोंस नदी का जलस्तर नीचे खिसका। मिली राहत। संवाद