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आज प्रयागराज एक्सप्रेस के सफर के पूरे हो जाएंगे 36 वर्ष
Wed, 15 Jul 2020 08:56 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Jul 2020 08:56 PM IST
सार
प्रयागराज एक्सप्रेस से जुड़ी खास बातें
- ट्रेन की शुरूआत के समय लाल रंग वाले 17 वैक्यूम ब्रेक से लैस कोच लगे थे ट्रेन में।
- वर्ष 2003 में 24 कोच वाले नीले रंग के एयर ब्रेक वाले कोच लगाए गए ट्रेन में।
- 16 दिसंबर 2016 को ट्रेन में एलएचबी रेक वाले कोच लगाए गए।
- देश की एकमात्र ट्रेन जिसमें वर्तमान समय हैं एलएचबी के 24 कोच, 600 मीटर से ज्यादा लंबी है ट्रेन।
- कोविड-19 की वजह से इस वर्ष 50 दिन ट्रेन का नहीं हुआ संचालन।
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Prayagraj news: Prayagraj Express
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
प्रयागराज जंक्शन से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस बृहस्पतिवार 16 जुुलाई को 36 वर्ष की हो जाएगी। कोविड-19 की वजह से रेलवे द्वारा इस ट्रेन के 36 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस बार भले ही कोई कार्यक्रम न किया जा रहा हो लेकिन जंक्शन के प्लेटफार्म पर प्रयागराज एक्सप्रेस से जुड़े फ्लैक्स बृहस्पतिवार को जरूर लगाए जाएंगे। साथ ही रेलवे ने कोविड-19 के मद्देजनर इस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हाइड्रोजन पेराक्साइड आधारित कोच डिसइनफेक्शन मिश्रण का छिड़काव शुरू कर दिया है।
पिछले वर्ष ही प्रयागराज एक्सप्रेस के 35 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर रेलवे ने प्रयागराज जंक्शन पर इस ट्रेन का बर्थडे मनाया था। तब सभी रेलकर्मियों को सम्मानित करने के साथ ही इसके पहले सफर में टिकट निरीक्षक के रूप में गए शीतला प्रसाद श्रीवास्तव को 35 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक बार फिर से ट्रेन में वही दायित्व सौंपा गया।
बता दें कि 16 जुलाई 1984 को ही प्रयागराज एक्सप्रेस पहली बार इलाहाबाद जंक्शन से नई दिल्ली के लिए चली थी। तब इस ट्रेन का नंबर इलाहाबाद से 91 अप एवं नई दिल्ली से 92 डाउन था। इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक से इस ट्रेन को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने हरी झंडी दिखाई थी। प्रयागराज से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की यह सर्वाधिक पंसदीदा ट्रेन है।
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यह मिश्रण धातु घटक के लिए गैर-संक्षारक है और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है। जीएम एनसीआर राजीव चौधरी ने इसके उपयोग के निर्देश दिए हैं। इसका प्रयोग सिर्फ ट्रेन ही नहीं, बल्कि स्टेशन, रेलवे कार्यालय को भी सैनिटाइज करने के लिए किया जाएगा।
अगले माह एक कार्यक्रम करवाने की तैयारी की है। हालांकि अभी इसकी रूपरेखा तय नहीं की गई है।
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पिछले वर्ष ही प्रयागराज एक्सप्रेस के 35 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर रेलवे ने प्रयागराज जंक्शन पर इस ट्रेन का बर्थडे मनाया था। तब सभी रेलकर्मियों को सम्मानित करने के साथ ही इसके पहले सफर में टिकट निरीक्षक के रूप में गए शीतला प्रसाद श्रीवास्तव को 35 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक बार फिर से ट्रेन में वही दायित्व सौंपा गया।
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बता दें कि 16 जुलाई 1984 को ही प्रयागराज एक्सप्रेस पहली बार इलाहाबाद जंक्शन से नई दिल्ली के लिए चली थी। तब इस ट्रेन का नंबर इलाहाबाद से 91 अप एवं नई दिल्ली से 92 डाउन था। इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक से इस ट्रेन को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने हरी झंडी दिखाई थी। प्रयागराज से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की यह सर्वाधिक पंसदीदा ट्रेन है।
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सोडियम हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज नहीं किए जाएंगे कोच
जंक्शन से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस के कोच अब सोडियम हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज नहीं किए जाएंगे। इसके प्रयोग से ट्रेन की बर्थ, फर्श, कोच में लगी धातु को आने वाले दिनों में नुकसान होने की वजह से रेलवे से इसके स्थान पर हाइड्रोजन पैरोक्साइड आधारित कोच डिसइनफेक्शन मिश्रण तैयार किया है।यह मिश्रण धातु घटक के लिए गैर-संक्षारक है और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है। जीएम एनसीआर राजीव चौधरी ने इसके उपयोग के निर्देश दिए हैं। इसका प्रयोग सिर्फ ट्रेन ही नहीं, बल्कि स्टेशन, रेलवे कार्यालय को भी सैनिटाइज करने के लिए किया जाएगा।
अगले माह एक कार्यक्रम करवाने की तैयारी की है। हालांकि अभी इसकी रूपरेखा तय नहीं की गई है।