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Prayagraj News: पारिवारिक कलह से तंग आकर नवाबगंज में मां-बेटी ने जहर खाकर दी जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2025 12:17 AM IST
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Tired of family feud, mother and daughter committed suicide by consuming poison in Nawabganj
नवाबगंज क्षेत्र के लालूडीह गांव में बुधवार रात मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहर में घर में विवाद हुआ था। आशंका है कि इसी कलह से तंग आकर मां-बेटी ने आत्मघाती कदम उठाया।पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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निर्मला देवी (62) पत्नी गुलजार और उनकी बेटी बिटाऊ (32) पत्नी बबलू मजदूरी करके अपना जीवन यापन करती थीं। निर्मला का बड़ा बेटा मुंशीलाल अपनी पत्नी के साथ शांतिपुरम में मजदूरी करता है, जबकि छोटा बेटा सुनील अविवाहित है। पुणे में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। पड़ोसियों के अनुसार, बुधवार दोपहर घर में विवाद हुआ था। बताया गया कि मुंशीलाल ने करीब तीन साल पहले पुश्तैनी मकान को गांव के ही एक व्यक्ति को लगभग पांच लाख रुपये में बेच दिया था। कुछ रुपये पहले ले लिए थे और कुछ बकाया था।
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सूत्रों के मुताबिक बुधवार को जब मकान का बकाया पैसा मिला तो निर्मला देवी छोटे बेटे और बेटी के हिस्से के लिए कुछ रकम मांग रही थी। इसी बात को लेकर मां, बेटे और बहू के बीच कहासुनी हो गई। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद से आहत होकर मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
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चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने तोड़ा दरवाजा

पड़ोसियों ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने के बाद दोनों घर में तड़प रही थीं। उनकी चीखपुकार सुनकर लोगों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौड़िहार ले गए। वहां से गंभीर हालत में दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान पहले निर्मला और फिर लगभग चार घंटे बाद बिटाऊ की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को दोनों का अंतिम संस्कार कुरेशर घाट पर किया गया। गांव में चर्चा है कि बड़े बेटे मुंशीलाल ने मां और बहन के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा नहीं लिया। वहीं छोटा बेटा सुनील भी पुणे से घर नहीं पहुंच सका।


मां-बेटी की मौत की जानकारी दोपहर में मिली। परिजन और गांव के किसी भी व्यक्ति ने पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी। जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग मां मानसिक रूप से बीमार बेटी से काफी परेशान थी। संभवतः इसी वजह से यह कदम उठाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
राघवेंद्र सिंह, कोतवाल नवाबगंज
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