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तीन बार पेपर की बाध्यता को समाप्त करने की मांग पर अड़े छात्र

Fri, 03 Feb 2017 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 03 Feb 2017 01:56 AM IST
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Three times to eliminate the obligation of paper stuck to the demand of the student
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) में मात्र तीन बार पेपर देने की सीमा तय किए जाने से निराश छात्र दूसरे दिन भी आक्रोशित नजर आए। चंद्रशेखर आजाद पार्क में सभा की और तीन बार पेपर देने की सीमा के निर्णय को वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों ने इसके बाद सीबीएसई कार्यालय तक जुलूस निकाला और चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
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चंद्रशेखर आजाद पार्क में सभा के दौरान सैकड़ों छात्रों ने कहा कि इस निर्णय से उनके डॉक्टर बनने के सपनों पर पानी फेर दिया है। उनकी सालों से तैयारी बेकार हो गया है। भविष्य खतरे में पड़ गया है। केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस नियम को पहले ही लागू करना था। अब जब पेपर देने का मौका आया तो नया नियम लागू कर उनके सपनों पर कुठराघात कर दिया। छात्रों ने कहा कि हजारों छात्र ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर तैयारी करते हैं। उनके सामने बहुत सारी कठिनाइयां होती हैं। तीन साल की सीमा लागू होने से वे क्वालिफाई ही नहीं कर पाएंगे।
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छात्रों ने इस नियम को तीन साल तक न लागू करने की मांग की। सभा के बाद वे सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन क्षेत्रीय अधिकारी के प्रतिनिधि और डीएम के प्रतिनिधि को सौंपा। इस मौके पर अखिलेश मोदनवाल, मुकेश सिंह, सुरेश कुमार, उमर वैश्य, मुलायम सिंह, सुनील, प्रवीण रंजन, शिवम वर्मा, यश त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।  
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नीट में तीन बार पेपर देने की बाध्यता से इलाहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत 10 हजार छात्र-छात्राओं के भविष्य पर न केवल संकट खड़ा हुआ है बल्कि उनके डॉक्टर बनने के सपनों पर पानी फिरा है। इलाहाबाद शहर में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आकर छात्र रहते हैं और मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। नए नियम के लागू होने से ग्रामीण इलाकों के छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया है। विरोध करने वालों में ज्यादातर वहीं छात्र शामिल हैं, जो एआईपीएमटी और पिछले वर्ष नीट में शामिल होकर तीन बार के अवसर को पूरा कर लिया है।
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