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देर से पहुंचने वालों को नहीं मिला प्रवेश

Mon, 10 Aug 2015 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 10 Aug 2015 01:16 AM IST
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Those arriving late will not get entry
इलाहाबाद
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(ब्यूरो)। एसएससी की ओर से सीजीएल-2015 की परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया था कि उन्हें परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले परीक्षा केन्द्र के अंदर प्रवेश कर जाना है। इसके बाद भी शहर में कई परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद होने के बाद पहुंचे। ऐसे परीक्षार्थियों को केन्द्र व्यवस्थापकों ने अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इन परीक्षार्थियों ने परीक्षा केन्द्र पर हंगामा करने के साथ आरोप लगाया कि वह समय से पहुंचे थे, इसके बाद भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। परीक्षा से वंचित छात्रों ने एसएससी मध्य क्षेत्र के लाउदर रोड स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया।

शहर के पंचम लाल इंटर कॉलेज ट्रांसपोर्टनगर पर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों ने अमर उजाला को बताया कि 9.10 बजे केन्द्र पहुंचने के बाद भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। केन्द्र व्यवस्थापक ने दूसरी पाली में परीक्षा में शामिल कराने की बात कही, परंतु जब आयोग के लोगों से बात की गई तो उन्होंने दूसरी पाली में परीक्षा में शामिल करने से मना कर दिया।

इसी प्रकार नैनी के ईश्वर प्रेम विद्याश्रम में परीक्षा के दौरान देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों ने प्रवेश नहीं मिलने पर हंगामा किया। अरैल नैनी के एक विद्यालय में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने मोबाइल गायब होने की शिकायत की है। शहर के केएन काटजू इंटर कॉलेज केन्द्र पर परीक्षा में शामिल कई परीक्षार्थियों ने अमर उजाला को बताया कि आयोग की ओर से तय समय पर विद्यालय के शिक्षक एवं आयोग के अधिकारी नहीं पहुंचे, इस कारण से परीक्षा तय समय से 20 मिनट देरी से शुरू हुई जबकि परीक्षा के बाद उन्हें कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।केन्द्र व्यवस्थापक ने गलती के लिए आयोग को जिम्मेदार बताया। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि अभ्यर्थियों को पहले से निर्देश दिया गया था कि परीक्षा छूटने के लिए वह स्वयं दोषी हैं। आयोग इस बारे में कुछ नहीं कर सकता।

सीजीएल 2015 में एसएससी की सख्ती का असर दिखाई पड़ा। उत्तर प्रदेश एवं बिहार के नौ केन्द्रों पर कुल 60.39 फीसदी उपस्थिति रही। इस प्रकार 40 फीसदी ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा में सबसे अधिक उपस्थिति मुजफ्फरपुर 70.01 फीसदी रही। इसके साथ आगरा में 59.97, इलाहाबाद में 54.99, कानपुर में 66.90, लखनऊ में 56.15, मेरठ में 56.95, वाराणसी में 60.74, भागलपुर में 69.14, मुजफ्फरपुर 70.01 एवं पटना में 69.39 फीसदी उपस्थिति रही।


एसएससी की ओर से परीक्षा केन्द्र बनाने में जिला विद्यालय निरीक्षकों से विद्यालयों की सूची नहीं मांगे जाने के कारण परीक्षा में बिना मान्यता वाले अथवा बदनाम स्कूलों को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने की शिकायत मिली है। शहर के अंदर नामी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया। नैनी और ट्रांसपोर्टनगर के कुछ नकल के लिए बदनाम विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बना दिया गया। लखनऊ में इसी प्रकार से कई ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बना दिया जिनकी मान्यता ही नहीं है। जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव ने बताया कि एसएससी वाले केन्द्र के लिए उनके कार्यालय से जानकारी नहीं लेते हैं। जबकि सिविल सेवा परीक्षा में भी उनके कार्यालय से केन्द्रों की सूची मांगी जाती है।
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