Prayagraj : 2014 और 2019 में युवाओं में जोश भरने वाले मोदी का इस बार सबको जय श्रीराम
मंगलवार की सभा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं भर्तियों का जिक्र तो किया लेकिन संबोधन में केंद्र तथा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के अलावा लोकल कनेक्ट के सहारे सभी को साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने बड़े हनुमानजी और माता त्रिवेणी को प्रणाम करने से संबोधन की शुरुआत की और फिर कुंभ, कटरा की कचौड़ी, समोसे का जिक्र करते हुए लोगों के दिलों में उतरने की कोशिश की।
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2014 और 2019 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर परेड मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया तथा फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट से भाजपा उम्ममीदवारों के लिए वोट मांगे लेकिन इस बार का उनका भाषण पिछले दोनों संबोधनों से अलग रहा। 2014 और 2019 में प्रतियोगियों के इस गढ़ में प्रधानमंत्री का संबोधन युवाओं पर केंद्रित रहा तो इस बार स्थानीय भाषा और गलियों का नाम लेने के साथ सभी से जय श्रीराम के संबोधन के सहारे सभी को साधने की कोशिश की।
2014 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर हर तरफ चिंता जाहिर की जा रही थी तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं अन्य संस्थाओं की भर्तियां सवालों के घेरे में थीं। इसे लेकर छात्र तथा प्रतियोगी सड़क पर थे। इसके विपरीत उस समय नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता के तौर पर आए थे। प्रदेश में भी सपा की सरकार थी।
ऐसे में प्रतियोगियों के इस गढ़ में उनके संबोधन के केंद्र बिंदु में युवा ही रहे। भर्तियों की सीबीआई जांच का आश्वासन देने के साथ पारदर्शिता के दावे किए गए। इससे ही समझा जा सकता है कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने करीब 50 मिनट भाषण दिया था और 30 मिनट से अधिक समय तक युवाओं के मुद्दों को ही उठाया। इतना ही नहीं संबोधन की शुरूआत भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय और युवाओं के मुद्दे से की थी।
2019 में 10 मई को बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने संगम की रेती पर चुनावी सभा को संबोधित किया था। 2019 में प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की सरकार बन गई थी। यह संबोधन भी हाल ही में बीते कुंभ की भव्यता के अलावा युवाओं पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत ही सामान्य बिरादरी के गरीब परिवारों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले से की थी। उस समय प्रधानमंत्री ने कहा था, उन युवाओं को शुभकामनाएं जो तमाम प्रतियोगी तथा प्रवेश परीक्षाओं में बैठने जा रहे हैं। उनके यह पहला अवसर है जब सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं को भी 10 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा मिलने जा रही है।
इससे ईतर मंगलवार की सभा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं भर्तियों का जिक्र तो किया लेकिन संबोधन में केंद्र तथा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के अलावा लोकल कनेक्ट के सहारे सभी को साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने बड़े हनुमानजी और माता त्रिवेणी को प्रणाम करने से संबोधन की शुरुआत की और फिर कुंभ, कटरा की कचौड़ी, समोसे का जिक्र करते हुए लोगों के दिलों में उतरने की कोशिश की।
उन्होंने यहां की खुबियों के अलावा प्रयागराज में हुए कार्यों को भी गिनाया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई बाद प्रयागराज की भाषा का उपयोग किया। और आखिर में अपने अनोखे अंदाज तथा देशज भाषा में कहा, अमे जोर से बोलो, दोनों सीट पे कमल खिले न। इसी क्रम में कहा, घर-घर जाइये और बताइए की मोदी ने आप सभी को जय श्रीराम कहा है। रैली में आई भीड़ ने भी तालियों और नारों के माध्यम से उनकी इस अपील का स्वागत तथा हर घर तक पहुंचाने का वादा किया।