Magh Mela : ज्योतिष्पीठ की भूमि को लेकर तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा, संतों ने भूमि पूजन के प्रस्ताव को ठुकराया
माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन पर रविवार की शाम प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में अफसरों और संतों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मान-मनौव्वल चलती रही।
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माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन पर रविवार की शाम प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में अफसरों और संतों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मान-मनौव्वल चलती रही। मेलाधिकारी की ओर से सोमवार को भूमि पूजन करने के प्रस्ताव को ज्योतिष्पीठ के संत श्रीधरानंद और शंकर चैतन्य ने ठुकरा दिया। उनका कहना था कि ज्योतिष्पीठ की जबतक सुविधा पर्ची जारी नहीं होगी, तबतक वह मेला में भूमि पूजन के लिए नहीं जाएंगे।
मेला प्राधिकरण कार्यालय में रविवार की शाम 7:30 बजे से नौ बजे तक ज्योतिष्पीठ की भूमि का विवाद सुलझाने के लिए वार्ता चली। मेलाधिकारी अरविंद चौहान और एडीएम कुंभमेला दयानंद प्रसाद ने ज्योतिष्पीठ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ली गई विधिक राय से संतों को अवगत कराया। अफसरों का कहना था कि वह कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं।
दो पीठों ज्योतिष्पीठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य रहे जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद की चार संस्थाओं के शिविर त्रिवेणी मार्ग पर एक साथ लगते रहे हैं। वार्ता के दौरान अफसरों ने संतों को बताया कि द्वारका पीठ के अलावा दो अन्य संस्थाओं के नाम पर भूमि सुविधाएं जारी कर दी गई हैं। ऐसे में सोमवार को वह भूमि पूजन के लिए आएं, ताकि उनके शिविरों को बसाने का काम शुरू कराया जा सके।
इस पर ब्रह्मचारी श्रीधरानंद का कहना था कि ज्योतिष्पीठ की भूमि -सुविधा जबतक जारी नहीं होगी, तबतक वह भूमि पूजन के लिए नहीं आएंगे। श्रीधरानंद ने पूर्व में 2017 के मेले के दौरान हुए भूमि विवाद का भी हवाला दिया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश की प्रति भी मेलाधिकारी को दी, जिसके आधार पर उन्हें ज्योतिष्पीठ की सुविधाएं मिलती रही हैं। इस पर मेलाधिकारी का कहना था कि वह इस संबंध में मिले कोर्ट के अन्य आदेशों की प्रतियों का भी परीक्षण करा लेंगे, लेकिन फिलहाल ज्योतिष्पीठ की भूमि किसी के नाम आवंटित नहीं की जा सकती।
द्वारका पीठ के अलावा दो अन्य संस्थाओं की भूमि सुविधा जारी कर दी गई है। ज्योतिष्पीठ की भूमि-सुविधा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ही जारी की जा सकती है। ब्रह्मचारी श्रीधरानंद की ओर से दिए गए कोर्ट के आदेश की प्रति का भी परीक्षण कराया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के क्रम में ही निर्णय लिया जाएगा। - अरविंद चौहान, मेलाधिकारी।