फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Third round of talks regarding the land of Jyotishpeeth inconclusive

Magh Mela : ज्योतिष्पीठ की भूमि को लेकर तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा, संतों ने भूमि पूजन के प्रस्ताव को ठुकराया

Mon, 26 Dec 2022 12:04 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 26 Dec 2022 12:04 AM IST
सार

माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन पर रविवार की शाम प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में अफसरों और संतों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मान-मनौव्वल चलती रही।

विज्ञापन
Third round of talks regarding the land of Jyotishpeeth inconclusive
माघ मेले में शंकराराचार्य ज्योतिष्पीठ की भूमि के लिए मेलाधिकारी से वार्ता करते संत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन पर रविवार की शाम प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में अफसरों और संतों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मान-मनौव्वल चलती रही। मेलाधिकारी की ओर से सोमवार को भूमि पूजन करने के प्रस्ताव को ज्योतिष्पीठ के संत श्रीधरानंद और शंकर चैतन्य ने ठुकरा दिया। उनका कहना था कि ज्योतिष्पीठ की जबतक सुविधा पर्ची जारी नहीं होगी, तबतक वह मेला में भूमि पूजन के लिए नहीं जाएंगे।

विज्ञापन


मेला प्राधिकरण कार्यालय में रविवार की शाम 7:30 बजे से नौ बजे तक ज्योतिष्पीठ की भूमि का विवाद सुलझाने के लिए वार्ता चली। मेलाधिकारी अरविंद चौहान और एडीएम कुंभमेला दयानंद प्रसाद ने ज्योतिष्पीठ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ली गई विधिक राय से संतों को अवगत कराया। अफसरों का कहना था कि वह कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं।  
विज्ञापन


दो पीठों ज्योतिष्पीठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य रहे जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद की चार संस्थाओं के शिविर त्रिवेणी मार्ग पर एक साथ लगते रहे हैं। वार्ता के दौरान अफसरों ने संतों को बताया कि द्वारका पीठ के अलावा दो अन्य संस्थाओं के नाम पर भूमि सुविधाएं जारी कर दी गई हैं। ऐसे में सोमवार को वह भूमि पूजन के लिए आएं, ताकि उनके शिविरों को बसाने का काम शुरू कराया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर ब्रह्मचारी श्रीधरानंद का कहना था कि ज्योतिष्पीठ की भूमि -सुविधा जबतक जारी नहीं होगी, तबतक वह भूमि पूजन के लिए नहीं आएंगे। श्रीधरानंद ने पूर्व में 2017 के मेले के दौरान हुए भूमि विवाद का भी हवाला दिया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश की प्रति भी मेलाधिकारी को दी, जिसके आधार पर उन्हें ज्योतिष्पीठ की सुविधाएं मिलती रही हैं। इस पर मेलाधिकारी का कहना था कि वह इस संबंध में मिले कोर्ट के अन्य आदेशों की प्रतियों का भी परीक्षण करा लेंगे, लेकिन फिलहाल ज्योतिष्पीठ की भूमि किसी के नाम आवंटित नहीं की जा सकती।

द्वारका पीठ के अलावा दो अन्य संस्थाओं की भूमि सुविधा जारी कर दी गई है। ज्योतिष्पीठ की भूमि-सुविधा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ही जारी की जा सकती है। ब्रह्मचारी श्रीधरानंद की ओर से दिए गए कोर्ट के आदेश की प्रति का भी परीक्षण कराया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के क्रम में ही निर्णय लिया जाएगा। - अरविंद चौहान, मेलाधिकारी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed