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प्री स्कूल में प्रवेश में नहीं होगी किसी बच्चे की प्रवेश परीक्षा

Fri, 03 Apr 2020 01:15 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 01:15 AM IST
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there will be no entrance test for any child admission in pre school
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने निर्देश दिया है कि प्री स्कूल में किसी बच्चे के प्रवेश के लिए परीक्षा नहीं कराई जा सकती। परिषद की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश के बाद भी पढ़ाई के दौरान भी स्कूल वाले मनमानी नहीं कर सकेंगे। एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि प्री स्कूल में किसी भी बच्चे की कोई लिखित या मौखिक परीक्षा नहीं होनी चाहिए। परिषद की ओर से कहा गया है कि इस प्रकार की परीक्षाएं हानिकारक एवं अवांछनीय हैं।
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एनसीईआरटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्री-स्कूल के बच्चों के आंकलन का मकसद उन पर पास या फेल का ठप्पा लगाना नहीं है। नए शैक्षिक सत्र में शहर के अधिकांश प्री स्कूल में प्रवेश के लिए बच्चों के साथ अभिभावकों का टेस्ट लिया गया, इन स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है। एनसीईआरटी का यह आदेश इन स्कूलों के लिए चेतावनी है। एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि देश में प्री-स्कूल का पाठ्यक्रम बच्चों को बोझिल दिनचर्या में बांध देते हैं। कुछ स्कूलों में ऐसे भी कार्यक्रम हैं, जहां विशेषकर अंग्रेजी को ध्यान में रखते हुए बच्चों को शिक्षा दी जाती है। छोटे बच्चों को परीक्षा देने या गृहकार्य करने को कहा जाता है और उनसे खेलने का अधिकार छीन लिया जाता है। इस अवांछनीय एवं हानिकारक प्रक्रिया से अभिभावकों में अपने बच्चों को लेकर ढेर सारी जो आकांक्षाएं पैदा होती हैं। इससे बच्चे पर मानसिक बोझ पड़ता है। एनसीईआरटी ने बच्चों एवं अभिभावकों के हित में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गाइडलाइंस तैयार की है, इसमें बच्चों का आंकलन कैसे किया जाना चाहिए, इसके बारे में दिया गया है। गाइडलाइन में स्पष्ट है कि हर बच्चे की प्रगति का लगातार आकलन हो। इसके लिए चेकलिस्ट, पोर्टफोलियो और अन्य बच्चों के साथ संवाद जैसी तकनीकों एवं उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके साथ शिक्षक को बच्चों पर नजर रखते हुए उससे जुड़े संक्षिप्त नोट तैयार करने चाहिए कि बच्चे ने कब और कैसे समय बिताया। इस विवरण में सामाजिक संबंध, भाषा के प्रयोग, संवाद के तरीके, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आदतों की सूचना होनी चाहिए।
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