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UP : वेतन निर्धारण में गड़बड़ी की होगी ऑडिट, राजकीय महाविद्यालयों में वित्तीय अनियमितता के कई मामले मिले
Thu, 19 Oct 2023 02:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 19 Oct 2023 02:05 PM IST
सार
उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत मिली थी कि राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों कार्यक्रम कई तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के फलस्वरूप अधिक वेतन का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश के राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों और उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में कई तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को मानक से अधिक वेतन दिया जा रहा है। वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. ब्रह्मदेव ने कर्मचारियों के वेतन का पुन: परीक्षण एवं ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।
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उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत मिली थी कि राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों कार्यक्रम कई तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के फलस्वरूप अधिक वेतन का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं। उच्च शिक्षा शिक्षा प्रो. ब्रह्मदेव की से सभी प्राचार्यों और उच्च क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया गया है।
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प्राचार्यों और उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारण और उसे फलस्वरूप प्राप्त कर रहे वेतन का पुन: परीक्षण कर उसका ऑडिट स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग से कराया जाए। ऑडिट के बाद सभी प्राचार्यों और उच्च शिक्षा अधिकरियाें को प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
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प्रमाणपत्र के माध्यम से बताना होगा कि उनके कार्यालय में तैनात तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारण का परीक्षण करा लिया गया है और किसी भी कर्मचारी का वेतन निर्धारण त्रुटिपूर्ण नहीं है। साथ ही कोई भी कर्मचारी अधिक वेतन का भुगतान प्राप्त नहीं कर रहा है।