हाईकोर्ट : कुर्क शैक्षणिक संस्थान की संपत्ति मामले में राहत नहीं, गैंगस्टर एक्ट में हुई थी कार्रवाई
मामले में माफिया दिलीप मिश्रा के गैंग से जुड़े सदस्यों शुभम मिश्रा, नीरज सिंह, अखंड प्रताप सिंह, करम सिंह, अनु पांडेय आदि के खिलाफ 16 अगस्त 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट से गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क संपत्ति के मामले में श्रीमती माया देवी स्मारक शिक्षा समिति को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने समिति के प्रबंधक की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। कहा कि याचियों की ओर से दिए गए सभी तक तर्क अकादमिक कार्रवाई से जुड़े हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला ने दिया।
मामले में माफिया दिलीप मिश्रा के गैंग से जुड़े सदस्यों शुभम मिश्रा, नीरज सिंह, अखंड प्रताप सिंह, करम सिंह, अनु पांडेय आदि के खिलाफ 16 अगस्त 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिला मजिस्ट्रेट, प्रयागराज ने आरोपियों के स्वामित्व वाली संपत्ति यानी संस्था श्रीमती माया देवी स्मारक शिक्षा समिति/माया देवी स्मारक शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, माया देवी स्मारक विधि महाविद्यालय, पुरा पांडे पोस्ट टीएसएल नैनी को कुर्क कर ताला लगा दिया। यह कार्रवाई प्रो.राजेंद्र सिंह, रज्जू भइया के कुलपति के आदेश के क्रम में हुई।
इसके बाद श्रीमती मायादेवी स्मारक शिक्षा समिति के प्रबंधक और विधि विश्वविद्यालय के दो छात्रों की ओर से याचिका दाखिल की गई। याचिका में रजिस्ट्रार के 14 अक्तूबर 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी और संस्थान में लगाए गए ताले को खुलवाकर पढ़ाई शुरू कराने की मांग की गई थी। याचियों के अधिवक्ता आरके ओझा ने तर्क दिया कि समिति के किसी एक सदस्य पर गैंगस्टर का आरोप लगने से किसी शैक्षिक संस्थान में ताला नहीं लगाया जा सकता है।
सरकारी अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले में जिला मजिस्ट्रेट के दिनांक 11 अगस्त 22 के आदेश के तहत आदेश पारित किया गया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में कुलपति के 13 अक्तूबर 2022 के आदेश को चुनौती नहीं दी गई है। रजिस्ट्रार के जिस आदेश को चुनौती दी गई, वह कुलपति के द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में पारित आदेश है। जब तक कुलपति के आदेश को चुनौती नहीं दी जाएगी, तब तक रजिस्ट्रार के आदेश को रद्द नहीं किया सकता है।