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लॉकडाउन से जिले में हो सकती है खून की किल्लत
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लॉकडाउन से जिले में हो सकती है खून की किल्लत
जिला अस्पताल के बैंक में सिर्फ 16 यूनिट बचा खून
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। लॉकडाउन का असर अब ब्लड बैंक पर दिखने लगा है। सौ यूनिट की क्षमता वाले बैंक में मात्र 16 यूनिट ब्लड बचा है। इस दौरान डिलीवरी और अन्य आपरेशन के लिए खून की मांग चल रही है। अगर इमरजेंसी में अधिक खून की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक की क्षमता सौ यूनिट रक्त संग्रहीत करने की है, लेकिन यहां औसतन 40-50 यूनिट ही रक्त रखा जाता है। क्योंकि रक्त 35 दिन से अधिक संग्रहीत नहीं किया जा सकता है। कौशाम्बी में खून की मांग कम है। इसलिए खून खराब भी न हो और जरूरत के हिसाब से सभी ग्रुप के लोगों को मिल सके, ब्लड बैंककर्मी इसकी मुकम्मल व्यवस्था रखते हैं। लॉकडाउन के चलते लोगों की आवाजाही बंद हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी नहीं लग पा रहे हैं। फिलहाल रक्तदान करने वाले लोग भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिस कारण ब्लड यूनिट कम हो गई है। नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कनौजिया ने बताया कि फिलहॉल ब्लड बैंक में केवल 16 यूनिट खून है। इसमें पॉजिटिव ग्रुप तो हैं, लेकिन निगेटिव ग्रुप की कमी है। सिजेरियन डिलीवरी केस में ब्लड की जरूरत पड़ रही है, लेकिन अचानक में इमरजेंसी के हालात बने तो ब्लड के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।
वहीं नोडल अधिकारी, ब्लड बैंक डॉ अरविंद कनौजिया का कहना है कि लॉकडाउन के चलते ब्लड बैंक में केवल 16 यूनिट रक्त बचा है। इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत पड़ती है तो, पहले प्राथमिकता मरीज के परिजनों को दी जाती है। कुछ स्वैच्छिक डोनर भी संपर्क में हैं। उन्हें बुलाकर आपात स्थिति में खून की पूर्ति की जा सकती है।
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जिला अस्पताल के बैंक में सिर्फ 16 यूनिट बचा खून
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। लॉकडाउन का असर अब ब्लड बैंक पर दिखने लगा है। सौ यूनिट की क्षमता वाले बैंक में मात्र 16 यूनिट ब्लड बचा है। इस दौरान डिलीवरी और अन्य आपरेशन के लिए खून की मांग चल रही है। अगर इमरजेंसी में अधिक खून की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक की क्षमता सौ यूनिट रक्त संग्रहीत करने की है, लेकिन यहां औसतन 40-50 यूनिट ही रक्त रखा जाता है। क्योंकि रक्त 35 दिन से अधिक संग्रहीत नहीं किया जा सकता है। कौशाम्बी में खून की मांग कम है। इसलिए खून खराब भी न हो और जरूरत के हिसाब से सभी ग्रुप के लोगों को मिल सके, ब्लड बैंककर्मी इसकी मुकम्मल व्यवस्था रखते हैं। लॉकडाउन के चलते लोगों की आवाजाही बंद हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी नहीं लग पा रहे हैं। फिलहाल रक्तदान करने वाले लोग भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिस कारण ब्लड यूनिट कम हो गई है। नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कनौजिया ने बताया कि फिलहॉल ब्लड बैंक में केवल 16 यूनिट खून है। इसमें पॉजिटिव ग्रुप तो हैं, लेकिन निगेटिव ग्रुप की कमी है। सिजेरियन डिलीवरी केस में ब्लड की जरूरत पड़ रही है, लेकिन अचानक में इमरजेंसी के हालात बने तो ब्लड के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।
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वहीं नोडल अधिकारी, ब्लड बैंक डॉ अरविंद कनौजिया का कहना है कि लॉकडाउन के चलते ब्लड बैंक में केवल 16 यूनिट रक्त बचा है। इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत पड़ती है तो, पहले प्राथमिकता मरीज के परिजनों को दी जाती है। कुछ स्वैच्छिक डोनर भी संपर्क में हैं। उन्हें बुलाकर आपात स्थिति में खून की पूर्ति की जा सकती है।
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