{"_id":"685da8598bd4ea6f33013a09","slug":"there-is-no-place-for-violence-in-a-civilized-society-both-sides-are-guilty-for-the-etawah-incident-naini-news-c-3-1-hld1039-656095-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: सभ्य समाज में हिंसा का स्थान नहीं, इटावा की घटना के लिए दोनों पक्ष दोषी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: सभ्य समाज में हिंसा का स्थान नहीं, इटावा की घटना के लिए दोनों पक्ष दोषी
Fri, 27 Jun 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
रामकथा सुनाते स्वामी राम दिनेशाचार्य जी महाराज
झूंसी। श्रीधाम अयोध्या के कथावाचक जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा है कि सभ्य समाज में किसी भी प्रकार से हिंसा मान्य नहीं है। सभी को मर्यादा में रहकर कार्य करना चाहिए। वह नई झूंसी स्थित रोग हरण हनुमान मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में नौ दिवसीय रामकथा के लिए आए हैं।
इटावा में पिछले दिनों कथावाचक के साथ हुई घटना पर बोले कि व्यास पीठ पर जाति छिपाकर बैठना पूरी तरह से गलत है, लेकिन इसके बदले दूसरे पक्ष द्वारा हिंसा करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
राम दिनेशाचार्य ने कहा कि युवाओं में धर्म और आध्यात्म को लेकर लगातार बढ़ रही दूरी की वजह पाश्चात्य संस्कृति है। धर्म और संस्कृति को लेकर युवाओं में स्वाभिमान जागृति करना होगा। हमारी धर्म और संस्कृति वैज्ञानिक है। मतातंरण के सवाल पर बोले कि इसके लिए सरकार को सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। हालांकि, इसे लेकर राज्य सरकार भी पूरी तरह जागृत है।
विज्ञापन
इस्राइल-ईरान और रूस-यूक्रेन के बीच हुए युद्ध पर उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में पूरे विश्व की दृष्टि भारत की ओर है। अगर पूरे विश्व में शांति आ सकती है तो उसका मूल भारत में ही है।
स्वामी दिनेशाचार्य ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र तो है ही, केवल इसकी घोषणा होना बाकी है। हिंदू को एक धर्म के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हिंदुत्व एक समग्र व्यवहार और विचार है, जो अपने में सबको समाहित करता है। जब हम हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं तो किसी को बाहर निकालने की बात नहीं करते हैं। संवाद
विज्ञापन
इटावा में पिछले दिनों कथावाचक के साथ हुई घटना पर बोले कि व्यास पीठ पर जाति छिपाकर बैठना पूरी तरह से गलत है, लेकिन इसके बदले दूसरे पक्ष द्वारा हिंसा करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
विज्ञापन
राम दिनेशाचार्य ने कहा कि युवाओं में धर्म और आध्यात्म को लेकर लगातार बढ़ रही दूरी की वजह पाश्चात्य संस्कृति है। धर्म और संस्कृति को लेकर युवाओं में स्वाभिमान जागृति करना होगा। हमारी धर्म और संस्कृति वैज्ञानिक है। मतातंरण के सवाल पर बोले कि इसके लिए सरकार को सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। हालांकि, इसे लेकर राज्य सरकार भी पूरी तरह जागृत है।
विज्ञापन
इस्राइल-ईरान और रूस-यूक्रेन के बीच हुए युद्ध पर उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में पूरे विश्व की दृष्टि भारत की ओर है। अगर पूरे विश्व में शांति आ सकती है तो उसका मूल भारत में ही है।
स्वामी दिनेशाचार्य ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र तो है ही, केवल इसकी घोषणा होना बाकी है। हिंदू को एक धर्म के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हिंदुत्व एक समग्र व्यवहार और विचार है, जो अपने में सबको समाहित करता है। जब हम हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं तो किसी को बाहर निकालने की बात नहीं करते हैं। संवाद