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आयोग से जुड़े जालसाजों के तार
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 29 Mar 2015 11:17 PM IST
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट होने के मामले में जालसाजों और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के गठजोड़ की बात सामने आ रही है। आयोग सूत्रों के मुताबिक जालसाजों की आयोग में गहरी पैठ है और एक दिन पहले ही पेपर आउट होने की आशंका जताई जाने लगी थी। इसमें आयोग के एक अफसर तथा कुछ कर्मचारियों के शामिल होने की आशंका है।
पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट होना सिर्फ एक भर्ती में धांधली को उजागर नहीं करता। यह बात अलग है कि ऐसे मामले कभी सामने नहीं आए लेकिन खेल पुराना है। पहले हो चुकी परीक्षाओं में भी अभ्यर्थी पेपर आउट होने की आशंका पर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई। आयोग के सूत्रों का कहना कि पेपर आउट होने के पीछे आयोग के ही एक अफसर का हाथ है। पूर्व की परीक्षाओं में भी इस तरह की कोशिशें होती रही हैं लेकिन बात सामने नहीं आ पाई।
परीक्षा शुरू होने के तकरीबन डेढ़ घंटे पहले पेपर आउट होने की वजह से भी इन आशंकाओं को बल मिल रहा है। वहीं, आयोग की परीक्षा व्यवस्था से जुड़े रहे एक अधिकारी का कहना है कि प्रश्नपत्र बनने से लेकर सेंटर तक पहुंचने तक की प्रक्रिया काफी जटिल और कई चरणों की निगरानी में होती है। ऐसे में आयोग के अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना पेपर आउट होना संभव नहीं है।
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर आउट होना सिर्फ एक भर्ती में धांधली को उजागर नहीं करता। यह बात अलग है कि ऐसे मामले कभी सामने नहीं आए लेकिन खेल पुराना है। पहले हो चुकी परीक्षाओं में भी अभ्यर्थी पेपर आउट होने की आशंका पर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई। आयोग के सूत्रों का कहना कि पेपर आउट होने के पीछे आयोग के ही एक अफसर का हाथ है। पूर्व की परीक्षाओं में भी इस तरह की कोशिशें होती रही हैं लेकिन बात सामने नहीं आ पाई।
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परीक्षा शुरू होने के तकरीबन डेढ़ घंटे पहले पेपर आउट होने की वजह से भी इन आशंकाओं को बल मिल रहा है। वहीं, आयोग की परीक्षा व्यवस्था से जुड़े रहे एक अधिकारी का कहना है कि प्रश्नपत्र बनने से लेकर सेंटर तक पहुंचने तक की प्रक्रिया काफी जटिल और कई चरणों की निगरानी में होती है। ऐसे में आयोग के अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना पेपर आउट होना संभव नहीं है।
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