UP : दो हजार छात्रों के लिए अपने कॉलेजों में वापसी का रास्ता साफ, हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई प्रक्रिया
विभिन्न पाठ्यक्रमों की संबद्धता न होने के कारण राज्य विवि ने दर्जन भर से अधिक कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को दूसरे कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई शासन के आदेश के क्रम में की थी।
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पाठ्यक्रमों की संबद्धता के मामले में कॉलेजों को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध दर्जन भर से अधिक कॉलेजों के तकरीबन दो हजार छात्रों के लिए अपने-अपने कॉलेज में वापसी का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है।
विभिन्न पाठ्यक्रमों की संबद्धता न होने के कारण राज्य विवि ने दर्जन भर से अधिक कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को दूसरे कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई शासन के आदेश के क्रम में की थी। इसके खिलाफ कॉलेजों के प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें कॉलेजों को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है।
जय नारायण स्मारक डिग्री कॉलेज, सेहरा नैनी प्रयागराज में एमएससी मैथ्स, एमएससी जूलॉजी, एमएससी केमेस्ट्री, एमएससी फिजिक्स के विद्यार्थियों, श्री शिवबली सिंह ग्रुप ऑफ एजूकेशनल एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मलवां फतेहपुर में बीए, नंदनी कॉलेज ऑफ आर्ट एंड साइंस, धरऊ मधूपुर प्रतापगढ़ में बीए, बीएसएसी, बीकॉम, बीसीए, बी.लिब और सुशीला महाविद्यालय साहिबापुर, कुंडा प्रतापगढ़ में बीए दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया गया था।
इसी तरह नारायण महाविद्यालय, औंता मेजा प्रयागराज में एमए हिंदी, एमए समाजशास्त्र, एमए राजनीति विज्ञान, एमए प्राचीन इतिहास, एमए संस्कृत, बीएससी, मां राजरानी महिला महाविद्यालय, मदनपुर दुबहा प्रयागराज में बीएससी, एमएएस डिग्री कॉलेज शेखपुर आशिक कुंडा प्रतापगढ़ में बीकॉम, रुस्तम डिग्री कॉलेज फिरोजपुर, बिंदकी फतेहपुर में बीए, बीएससी के छात्रों को भी दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित किया गया था।
बीबीएस पब्लिक डिग्री कॉलेज बरना लालगोपालगंज, कुंडा प्रतापगढ़ में बीएससी, एमए भूगोल, एमए प्रचीन इतिहास, एमए शिक्षाशास्त्र, एमए हिंदी, एमए समाजशास्त्र और सरला देवी महिला महाविद्यालय, थरियांव फतेहपुर में बीए, बीएससी के छात्रों को भी दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया गया था। इसके अलावा कई अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी दूसरे कॉलेजों में भेजा गया था।
शिफ्ट किए गए ऐसे विद्यार्थियों की संख्या तकरीबन दो हजार है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन विद्यार्थियों की अपने कॉलेजों में वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य विवि के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि यह कार्रवाई शासन के आदेश के क्रम में की गई थी। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद शासन से मागदर्शन मांगा गया है। अब शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है।