{"_id":"5c8959b6bdec22140233472b","slug":"the-verdict-can-be-pronounced-without-even-deciding-the-verdict","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाद बिंदु तय किए बिना भी सुनाया जा सकता है फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाद बिंदु तय किए बिना भी सुनाया जा सकता है फैसला
Thu, 14 Mar 2019 12:57 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 Mar 2019 12:57 AM IST
विज्ञापन
High Court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी मुकदमे में विपक्षी द्वारा जवाब दाखिल न करने और वाद बिंदु तय हुए बिना भी कोर्ट को सिविल वाद तय करने का अधिकार है। मगर ऐसी स्थिति में निर्णय देने से पहले विवादित तथ्यों को साबित करना आवश्यक है। यदि कोर्ट तथ्यों को साबित किए जाने से सहमत है तो वह निर्णय सुना सकती है। यह नहीं कहा जा सकता है कि वाद बिंदु तय किए बिना पारित डिक्री अवैध है। यूपीएसआईडीसी गाजियाबाद की प्रथम अपील खारिज करते हुए न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने यह आदेश दिया।
विज्ञापन
यूपीएसआईडीसी ने स्नेललता गुप्ता को प्रेशर कुकर की फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन दी थी। शर्त थी कि निर्धारित समय मेें फैक्ट्री न लगाने पर भूमि का आवंटन रद्द हो जाएगा। फैक्ट्री नहीं लगी मगर यूपीएसआईडीसी ने पूरा प्रीमियम, ब्याज और अर्थदंड आदि वसूल लिया। इसके बाद आवंटन रद्द कर दिया। भुगतान स्वीकार किया जाना दस्तावेजों से साबित हो गया। इस आधार पर सिविल कोर्ट ने आवंटन रद्द करने का निर्णय निरस्त कर दिया जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
विज्ञापन