कांग्र्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की एक झलक पाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों में भी खासा उत्साह रहा। खासतौर पर युवाओं में ज्यादा क्रेज दिखा। स्वराज भवन गेट पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ता दो घंटे से अधिक समय तक बैठे रहे तो अरैल में घाट से वाहन के बीच का करीब 50 मीटर का सफर काफी कठिन रहा। एक बार तो भीड़ के कारण प्रियंका ही किनारे हो गईं। हालांकि इस दौरान प्रियंका के चेहरे पर हमेशा मुस्कराहट बरकरार रही और हाथ हिलाकर तथा जोड़कर लोगों का लगातार अभिवादन स्वीकार करती रहीं।
प्रियंका गांधी की एक झलक पाने की रही ललक, अरैल घाट पर भीड़ हुई बेकाबू
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स्वराज भवन पर प्रियंका गांधी को सुबह 11 बजे पहुंचना था लेकिन उनका काफिला दोपहर 12.28 बजे पहुंचा। बमरौली एयरपोर्ट पर ही उनका चार्टेड प्लेन करीब 11.40 बजे उतरा। इसके विपरीत कार्यकर्ताओं के स्वराज भवन पहुंचने का क्रम साढ़े दस बजे ही शुरू हो गया था। इंतजार का पल लंबा होने के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहीं गेट पर बैठ गए और अपने नेता के पक्ष में लगातार नारेबाजी करते रहे। प्रियंका गांधी का काफिला पहुंचने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सभी स्वराज भवन में प्रवेश करना चाह रहे थे।
प्रियंका गांधी की गाड़ी के पीछे कई कार्यकर्ता प्रवेश करने में भी सफल रहे। गेट के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गईग्। गेट टूटने के डर से उसे खोल दिया गया। हालांकि सभी को कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया। करीब आधा घंटा बाद प्रियंका निकलीं तब भी यही स्थिति रही। इस दौरान वह हल्की मुस्कराहट के साथ कार्यकर्ताओं का लगातार अभिवादन करती रहीं। स्वराज भवन के बाद प्रियंका का अरैल पर भी जोरदार स्वागत हुआ।
संगम स्नान और पूजन के दौरान भी चारों तरफ खड़े स्नानार्थी प्रियंका को देखते और हर-हर गंगे का जयकारा लगाते रहे। स्नान के बाद अरैल घाट पर लौटीं प्रियंका की झलक पाने के लिए तो आम श्रद्धालु भी उमड़ पड़े। बेरिकेडिंग के बावजूद उन्हें घाट से वाहन तक जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक जगह जाकर बैठना पड़ा।
फिर सुरक्षा कर्मियों के सख्त रुख के बाद उन्हें वाहन तक पहुंचाया जा सका। हालांकि, इस दौरान प्रियंका के चेहरे पर कहीं भी शिकन नहीं दिखी और लोगों से लगातार बात करती रहीं। इससे पहले बमरौली एयरपोर्ट पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में न्यायमूर्ति सभाजीत यादव, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, आराधना मिश्रा, पूर्व शहर अध्यक्ष बाबा अभय अवस्थी, प्रदेश महासचिव विवेकानंद, नगर अध्यक्ष नफीस अनवर, यमुनापार अध्यक्ष अरुण तिवारी, गंगापार अध्यक्ष सुरेश यादव, संजय तिवारी, अनिल पांडेय आदि शामिल रहे।
भीड़ में शामिल युवतियाें से बात कर टटोली सियासी नब्ज
प्रयागराज। प्रयागराज आईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मीडिया और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखी। चुनिंदा नेताओं को ही उनके साथ चलने की अनुमति थी लेकिन अरैल घाट पहुंचे आम श्रद्धालुओं के साथ वह फासला नहीं दिखा। भीड़ में शामिल कुछ युवतियों से उन्होंने बात की और सियासी नब्ज टटोलने की कोशिश की। युवतियों के कंधे पर हाथ रखकर कुछ दूर चलने के साथ ही उन्होंने अपने पूर्वजों की इस नगरी के लोगों के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम करने की कोशिश की। इस तरह से अपने कंधे पर प्रियंका गांधी का हाथ पाकर एक युवती तो अवाक रह गई।