पूर्व के स्नान पर्वों को देखते हुए अनुमान जताया जा रहा था कि मौनी अमावस्या पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ शहर में उमड़ेगी। अनुमान सही भी साबित हुआ। अमावस्या पर शहर की सड़कें संगम स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से पटी नजर आईं। खासतौर से संगम क्षेत्र जाने वाले हर रास्ते पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भीड़ का आलम यह रहा कि इसे नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्लान बी भी लागू करना पड़ गया।
mauni amavasya 2021 : भीड़ नियंत्रित करने में छूटा पसीना, लागू करना पड़ा प्लान बी
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माघ मेले के पहले दो स्नान पर्वों पर स्नानार्थियों की अपेक्षाकृत भीड़ संगम क्षेत्र में नहीं नजर आई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि ज्यादातर श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर ही संगम में डुबकी लगाएंगे। यह अनुमान काफी हद तक सही भी निकला। स्नानार्थियों की भीड़ का आलम यह रहा कि बुधवार आधी रात तक ही मेला क्षेत्र में बनाए गए पांच पार्किंग स्थल फुल हो गए। इनमें प्लॉट नंबर 17, पांटून पुल वर्कशॉप के समीप बनी पार्किंग, दारागंज स्थित गल्ला मंडी पार्किंग, हेलीपैड पार्किंग व दुपहिया वाहनों के लिए मेला यातायात पुलिस लाइन के सामने व बगल में स्थित पार्किंग शामिल रही।
प्लॉट नंबर 17 पार्किंग में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार शाम से लेकर गुरुवार सुबह तक 1000 से ज्यादा चारपहिया वाहन आ चुके हैं। इसी तरह हेलीपैड पार्किंग पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि डेढ़ से दो हजार वाहन पार्किंग में खड़े कराए जा चुके हैं। इनमें छोटे चार पहिया वाहनों के साथ ही बसें भी शामिल हैं। प्रति पार्किंग औसतन 1000 वाहन भी जोड़ लिया जाए तो मेला क्षेत्र में बने पार्किंग स्थलों में ही पांच हजार से ज्यादा चार पहिया वाहन खड़े हुए। इसके अलावा दुपहिया वाहनों के पार्किंग में भी कम से कम चार हजार वाहन खड़े होने का अनुमान जताया गया।
शहर में भी श्रद्धालुओं से पटे रहे रास्ते
भारी भीड़ के चलते मेला क्षेत्र ही नहीं बल्कि शहर में संगम क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते स्नानार्थियों से पटे नजर आए। सबसे ज्यादा भीड़ रीवा व मिर्जापुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं की रही। भीड़ का आलम यह रहा कि मेला यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस को प्लान बी भी लागू करना पड़ गया। जिसके तहत श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर में आने से रोकते हुए वैकल्पिक पार्किंग स्थलों में खड़ा कराया गया। मिर्जापुर रीवा से आने वाले वाहनों को लेप्रोसी स्थित नव प्रयागम पार्किंग में खड़ा कराया गया जहां बसों की कतार लगी रही। इसी तरह जौनपुर और वाराणसी से आने वाले वाहनों को झूंसी में कटका तिराहे के पास ही रोक दिया गया और इन्हें कोई मिल पार्किंग में खड़ा करा दिया गया जिसके बाद श्रद्धालु पैदल व अन्य छोटे वाहनों से संगम क्षेत्र तक पहुंचे। मेला क्षेत्र से बाहर बनाए गए अन्य वैकल्पिक पार्किंग स्थलों का हाल भी कमोवेश ऐसा ही रहा।