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यूनिसेफ की टीम ने जाना कुपोषण का हाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 11 May 2016 02:40 AM IST
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यूनिसेफ की ओर से आई टीम ने कोरांव विकास खंड के खजुरी गंाव में पहुंचकर कुपोषण की नब्ज टटोली। टीम में अमेरिका, इंग्लैण्ड और नेपाल आदि देशों के सदस्य मौजूद थे। टीम के यहां आने के पीछे उद्देश्य था कि राज्य पोषण मिशन के तहत पिछले डेढ़ साल में क्या किया गया। इसके लिए टीम ने एक डाक्यूमेंट्री भी बनाई। टीम की ओर से रिजल्ट फॉर डेवलपमेंट के तहत रिपोर्ट तैयार कर शासन को दी जाएगी।
विश्वस्तर पर कुपोषण को दूर करने के लिए विश्वबैंक द्वारा देशों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। कुपोषण को दूर करने के क्रम में किये जा रहे प्रयासों का जायजा लेने के लिये यूनिसेफ की टीम ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोद लिए गए गांव खजुरी का दौरा किया। साथ ही बदौर गांव का भी निरीक्षण किया जिसे अब तक किसी भी अफसर ने गोद नहीं लिया। एनआरएलएमआईसीडीएस की कार्यकत्रियों की मौजूदगी में पूर्व माध्यमिक विद्यालय खजुरी के परिसर में ग्रामीणाें की चौपाल लगाकर टीम ने कुपोषण की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। चौपाल में उपस्थित राधा देवी, आशा पाण्डेय, खुशनुमा, अनारकली, कर्मावती तथा रेशमा आदि महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं में कुपोषण का प्रमुख कारण असंतुलित खान-पान के साथ-साथ डायरिया भी है। जिसका प्रमुख कारक दूषित जल है। टीम के सदस्यों ने गर्भवती महिलाओं को प्रचुर मात्रा में आयोडीन व आयरन लेने की सलाह दी। टीम में इंग्लैंड के जेम्स लेविंसन, अमेरिका की हिलेरी प्रोजर्स, नेपाल की कुसुम तथा विश्व बैंक की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहीं भारत की कृती थीं। इसके अलावा आरफोरडी तथा एमएल्स संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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विश्वस्तर पर कुपोषण को दूर करने के लिए विश्वबैंक द्वारा देशों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। कुपोषण को दूर करने के क्रम में किये जा रहे प्रयासों का जायजा लेने के लिये यूनिसेफ की टीम ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोद लिए गए गांव खजुरी का दौरा किया। साथ ही बदौर गांव का भी निरीक्षण किया जिसे अब तक किसी भी अफसर ने गोद नहीं लिया। एनआरएलएमआईसीडीएस की कार्यकत्रियों की मौजूदगी में पूर्व माध्यमिक विद्यालय खजुरी के परिसर में ग्रामीणाें की चौपाल लगाकर टीम ने कुपोषण की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। चौपाल में उपस्थित राधा देवी, आशा पाण्डेय, खुशनुमा, अनारकली, कर्मावती तथा रेशमा आदि महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं में कुपोषण का प्रमुख कारण असंतुलित खान-पान के साथ-साथ डायरिया भी है। जिसका प्रमुख कारक दूषित जल है। टीम के सदस्यों ने गर्भवती महिलाओं को प्रचुर मात्रा में आयोडीन व आयरन लेने की सलाह दी। टीम में इंग्लैंड के जेम्स लेविंसन, अमेरिका की हिलेरी प्रोजर्स, नेपाल की कुसुम तथा विश्व बैंक की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहीं भारत की कृती थीं। इसके अलावा आरफोरडी तथा एमएल्स संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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