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Prayagraj News: पैमाइश के लिए मेजा के नायब तहसीलदार के साथ गई टीम पर हमला
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नाली काटकर खेत में मिलाने की शिकायत पर सीमांकन के लिए मेजा के नायब तहसीलदार नंद लाल के साथ गई टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में थाने से छोड़ दिया गया। इसकी शिकायत पर डीएम ने थानेदार को फटकार लगाई। साथ ही सीआरओ व डीसीपी यमुनापार की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। मामले में लेखपाल की तहरीर पर 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है।
मेजा के चोरबना गांव के राम बहादुर ने नाली काटकर खेत में मिलाए जाने की शिकायत की थी। इस पर तहसीलदार ने नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में टीम गठित कर सीमांकन के लिए कहा था। इसी क्रम में नायब तहसीलदार नंद लाल व अरविंद सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रभात पांडेय, राम बहादुर, लेखपाल कमला प्रसाद पांडेय के साथ रविवार को सीमांकन के लिए पहुंचे। इनके साथ चार पुरुष और दो महिला सिपाही भी थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने इन पर हमला बोल दिया।
नायब तहसीलदार का आरोप है कि जमुना प्रसाद प्रजापति, इंद्रेश कुमार, धीरज, कुलदीप, ब्रजलाल, आलोक कुमार श्रीवास्तव, आशीष यादव, ननकई देवी, तथा इनके साथ आए अन्य 23 लोगों ने राजस्व टीम को बंदी बना लिया। उन्होंने खसरा, खतौनी, नक्शा आदि दस्तावेज फाड़ दिए। साथ ही जंजीर लेकर भाग गए। लेखपाल का मोबाइल भी छीन ले गए। उन्होंने गालीगलौज और मारपीट की।
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नायब तहसीलदार का कहना है कि दोबारा पैमाइश करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। लेखपाल ने थाने में तहरीर दी है। घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन रात में उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
नायब तहसीलदार ने सोमवार सुबह डीएम से इसकी शिकायत की। इस पर डीएम ने थानेदार को फटकार लगाई। वह थानेदार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। डीएम ने थानेदार के खिलाफ सीआरओ कुंवर पंकज व डीसीपी यमुनापार विवेक यादव की जांच टीम गठित की और उनसे जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
डीएम की सख्ती के बाद देर शाम आठ नामजद समेत 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। अज्ञात में 15 पुरुष तथा आठ महिला आरोपी हैं। थानेदार राजेश उपाध्याय ने करछना में हुए बवाल की जांच करने का हवाला देते हुए नायब तहसीलदार पर हुए हमले की घटना के बारे में कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।
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मेजा के चोरबना गांव के राम बहादुर ने नाली काटकर खेत में मिलाए जाने की शिकायत की थी। इस पर तहसीलदार ने नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में टीम गठित कर सीमांकन के लिए कहा था। इसी क्रम में नायब तहसीलदार नंद लाल व अरविंद सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रभात पांडेय, राम बहादुर, लेखपाल कमला प्रसाद पांडेय के साथ रविवार को सीमांकन के लिए पहुंचे। इनके साथ चार पुरुष और दो महिला सिपाही भी थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने इन पर हमला बोल दिया।
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नायब तहसीलदार का आरोप है कि जमुना प्रसाद प्रजापति, इंद्रेश कुमार, धीरज, कुलदीप, ब्रजलाल, आलोक कुमार श्रीवास्तव, आशीष यादव, ननकई देवी, तथा इनके साथ आए अन्य 23 लोगों ने राजस्व टीम को बंदी बना लिया। उन्होंने खसरा, खतौनी, नक्शा आदि दस्तावेज फाड़ दिए। साथ ही जंजीर लेकर भाग गए। लेखपाल का मोबाइल भी छीन ले गए। उन्होंने गालीगलौज और मारपीट की।
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नायब तहसीलदार का कहना है कि दोबारा पैमाइश करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। लेखपाल ने थाने में तहरीर दी है। घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन रात में उन्हें थाने से छोड़ दिया गया।
नायब तहसीलदार ने सोमवार सुबह डीएम से इसकी शिकायत की। इस पर डीएम ने थानेदार को फटकार लगाई। वह थानेदार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। डीएम ने थानेदार के खिलाफ सीआरओ कुंवर पंकज व डीसीपी यमुनापार विवेक यादव की जांच टीम गठित की और उनसे जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
डीएम की सख्ती के बाद देर शाम आठ नामजद समेत 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। अज्ञात में 15 पुरुष तथा आठ महिला आरोपी हैं। थानेदार राजेश उपाध्याय ने करछना में हुए बवाल की जांच करने का हवाला देते हुए नायब तहसीलदार पर हुए हमले की घटना के बारे में कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।