{"_id":"5edfdfeb8ebc3e42d56e74d2","slug":"the-students-would-be-promoted-city-news-ald278017095","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधि के छात्रों को प्रमोट किए जाने का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधि के छात्रों को प्रमोट किए जाने का निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) समेत तमाम विश्वविद्यालयों में बीएएलएलबी एवं एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन परीक्षा कराने और बाकी छात्र-छात्राओं को पिछले वर्ष की परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बाबत बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत सभी विश्वविद्यालयों एवं लॉ कॉलेजों को पत्र जारी किया है।
कोविड-19 के मद्देनजर बार कौंसिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि तीन वर्षीय एवं पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन परीक्षा कराई जाए और जो विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा दे पाने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए दूसरा विकल्प रखा जाए। इसके साथ ही इंटरमीडिएट सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को पिछले वर्ष की परीक्षा में प्रदर्शन और मौजूदा सत्र के दौरान आंतरिक मूल्यांकन में मिले अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाए।
विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर सभी कमरों एवं परीक्षा कक्षों को सैनिटाइज कराना होगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इन सावधानियों को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के दोबारा खुलने के माह भर के भीतर को बीएएलएलबी और एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन परीक्षा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
‘यह स्पष्ट किया जा चुका है कि सभी पाठ्यक्रमों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पहले कराई जाएंगी। इविवि के पास फिलहाल वर्तमान में ऑनलाइन परीक्षा कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। फर भी प्रयास होगा कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जाएं। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सुझावों पर विचार किया जाएगा और परीक्षाएं यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार ही कराई जाएंगी।’ प्रो. रामेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक, इविवि
विज्ञापन
कोविड-19 के मद्देनजर बार कौंसिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि तीन वर्षीय एवं पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन परीक्षा कराई जाए और जो विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा दे पाने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए दूसरा विकल्प रखा जाए। इसके साथ ही इंटरमीडिएट सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को पिछले वर्ष की परीक्षा में प्रदर्शन और मौजूदा सत्र के दौरान आंतरिक मूल्यांकन में मिले अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाए।
विज्ञापन
विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर सभी कमरों एवं परीक्षा कक्षों को सैनिटाइज कराना होगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इन सावधानियों को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के दोबारा खुलने के माह भर के भीतर को बीएएलएलबी और एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन परीक्षा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
‘यह स्पष्ट किया जा चुका है कि सभी पाठ्यक्रमों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पहले कराई जाएंगी। इविवि के पास फिलहाल वर्तमान में ऑनलाइन परीक्षा कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। फर भी प्रयास होगा कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जाएं। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सुझावों पर विचार किया जाएगा और परीक्षाएं यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार ही कराई जाएंगी।’ प्रो. रामेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक, इविवि