फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The selection process of Assistant Professor was completed in a hurry, the High Court asked - what was the hurry?

Prayagraj News: हड़बड़ी में पूरी की असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया, हाईकोर्ट ने पूछा-ऐसी भी क्या जल्दी थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2024 05:53 AM IST
विज्ञापन
The selection process of Assistant Professor was completed in a hurry, the High Court asked - what was the hurry?
हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया में बरती गई हड़बड़ी को देखकर हैरानी जताई। पूछा, इतनी भी क्या जल्दी थी कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही चयन प्रक्रिया पूरी कर ली। कोर्ट ने सामान्य श्रेणी का एक पद खाली रखने का निर्देश देते हुए विश्वविद्यालय से पांच अगस्त तक जवाब मांगा है।
विज्ञापन

यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अदालत ने दिविशा अग्रवाल की याचिका पर दिया है। याची ने विश्वविद्यालय की ओर से नवंबर 2022 में इलाहाबाद डिग्री काॅलेज के लिए विज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर के कुछ पदों के लिए होने वाले साक्षात्कार की चयन सूची को चुनौती दी थी। याची ने दावा किया कि योग्य उम्मीदवार होते हुए भी उसे साक्षात्कार में नहीं बुलाया गया।
विज्ञापन

याची के अधिवक्ता सुदीप हरकौली ने दलील दी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के मुताबिक वाणिज्य विषयों की सीधी भर्ती के लिए परास्नातक में 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य है। याची ने बीकाम के साथ एमबीए भी किया है, जो परास्नातक डिग्री है और विज्ञापित पद के लिए प्रासंगिक भी। तर्क के समर्थन में याची ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की ओर से जारी विज्ञापन का हवाला दिया, जिसमें एमबीए की डिग्री को प्रासंगिक माना गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए 24 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन से जबाव तलब करते हुए 26 जुलाई को सुनवाई नियत की थी। याची के अधिवक्ता ने सुबह कोर्ट को अवगत कराया कि साक्षात्कार को लेकर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक दोपहर एक बजे आहूत की गई है। इस पर कोर्ट ने अपना समय बदला और मामले की सुनवाई बैठक से पहले 12 बजे नियत कर दी।
कोर्ट ने इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के अधिवक्ता प्रतीक चंद्रा को भी दी। कोर्ट ने 12 बजे सुनवाई शुरू की। दलीलों के बीच विश्वविद्यालय के वकील ने 1:15 बजे अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है। योग्य उम्मीदवार न मिलने पर एक पद खाली छूट गया है। इस जानकारी पर कोर्ट ने हैरानी जताते हुए तल्ख टिप्पणी की।

कहा, कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच ऐसी भी क्या जल्दी थी कि चयन प्रक्रिया ही पूरी कर ली गई। अदालत इसकी सराहना नहीं कर सकती। मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया का परिणाम भी अपने अधीन रखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed