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चयन बोर्ड अभी तक हाईकोर्ट को नहीं बता पाया कैसे शुरु होता है हॉकी का मैच
Sat, 07 Mar 2020 07:50 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Mar 2020 07:50 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी)शारीरिक शिक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के जवाब में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड फंस गया हैे। अभ्यर्थियों ने इस प्रश्न के सही उत्तर को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने इस चयन बोर्ड से जवाब मांगा था। कई तारीखें बीत जाने के बावजूद बोर्ड ने जवाब दाखिल नहीं किया तो कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए बोर्ड के सचिव को तलब कर लिया है। उनसे प्रश्न का सही उत्तर बताने के लिए कहा है और साथ ही पूछा है कि समय पर जवाब दाखिल न करने पर उनके खिलाफ क्यों ने हर्जाना लगाया जाए।
प्रमोद पाल और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक याचीगण ने शारीरिक शिक्षा परीक्षा में पूछे एक प्रश्न ‘हॉकी का मैच कैसे शुरू होता है’ के सही जवाब को लेकर आपत्ति की थी। याचीगण ने इसका उत्तर दिया था ‘पीछे पास देकर’ जबकि चयन बोर्ड ने दूसरे विकल्प ‘हिट लगाकर’ को सही माना था। कोर्ट ने इस मामले में नौ जनवरी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से मुकदमें में पांच तारीखें लगी मगर हर तारीख पर समय की मांग कर बोर्ड जवाब देने से बचता रहा।
कोर्ट ने कहा कि कई बार समय दिए जाने के बावजूद चयनबोर्ड ने अब तक जवाब दाखिल नहीं किया। इस स्थिति में अगली तारीख पर चयनबोर्ड के सचिव स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। सचिव से यह भी पूछा है कि क्यों न इस विलंब पर उनपर हर्जाना लगाया जाए। याचिका पर 17 मार्च को अगली सुनवाई होगी।
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प्रमोद पाल और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक याचीगण ने शारीरिक शिक्षा परीक्षा में पूछे एक प्रश्न ‘हॉकी का मैच कैसे शुरू होता है’ के सही जवाब को लेकर आपत्ति की थी। याचीगण ने इसका उत्तर दिया था ‘पीछे पास देकर’ जबकि चयन बोर्ड ने दूसरे विकल्प ‘हिट लगाकर’ को सही माना था। कोर्ट ने इस मामले में नौ जनवरी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से मुकदमें में पांच तारीखें लगी मगर हर तारीख पर समय की मांग कर बोर्ड जवाब देने से बचता रहा।
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कोर्ट ने कहा कि कई बार समय दिए जाने के बावजूद चयनबोर्ड ने अब तक जवाब दाखिल नहीं किया। इस स्थिति में अगली तारीख पर चयनबोर्ड के सचिव स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। सचिव से यह भी पूछा है कि क्यों न इस विलंब पर उनपर हर्जाना लगाया जाए। याचिका पर 17 मार्च को अगली सुनवाई होगी।
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