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गंगा में कटान का दायरा बढ़ा, माघ मेले की तैयारियों पर असर

Tue, 08 Dec 2020 12:33 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 08 Dec 2020 12:33 AM IST
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The scope of harvesting in Ganga increased, impact on preparations for Magh Mela
prayagraj news : प्रयागराज माघ मेला की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। - फोटो : prayagraj

माघ मेले की देर से शुरू हुई तैयारियों के बीच गंगा में कटान का दायरा बढ़ने लगा है। प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं में से एक खाक चौक की कई बीघे भूमि कटान में बह गई है। संगम के अलावा महावीर मार्ग, रामघाट और काली घाट पर कटान से दलदल बढ़ने लगा है। इससे पांटून पुलों के निर्माण में दिक्कत आने की आशंका है। ऐसा हुआ तो कम समय में माघ मेला बसाने में मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

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The scope of harvesting in Ganga increased, impact on preparations for Magh Mela
prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है। - फोटो : prayagraj

गंगा में प्रवाह बढ़ने से माघ मेला बसने के पहले ही कटान शुरू हो गई है। 538 हेक्टेयर में बसने वाले इस मेले को बसाने के लिए अभी तक बुनियादी सुविधाओं पर काम शुरू नहीं हो सका है। दो महीने से अधिक पिछड़ चुकी मेले की तैयारियों के लिए यह शुभ संकेत नहीं माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि पिछले हफ्ते भर से गंगा में प्रवाह बढ़ने की वजह से यह नौबत आई है।

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The scope of harvesting in Ganga increased, impact on preparations for Magh Mela
prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है। - फोटो : prayagraj

इससे रामघाट से संगम के बीच अब तक 20 मीटर से अधिक कटान बड़ चुकी है। महावीर मार्ग पर जहां पांटून पुल को दो दिन बाद निर्माण आरंभ होगा, वहां सबसे अधिक कटान हो रही है। इस बीच सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं ने कटान रोकने के लिए बालू की बोरियां रखवाने के साथ ही कच्चे घाटों को पैक करवाने में जुट गए हैं। लेकिन स्थिति जस की तस है। सोमवार को तेज प्रवाह की वजह से गंगा के दोनों किनारों पर कटान होती रही। इससे सबसे अधिक दिक्कत पीडब्ल्यूडी के सामने आने वाली है। इसलिए कि दो दिन बाद ही गंगा पर पांच पांचून पुलों के निर्माण का काम शुरू होगा।

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The scope of harvesting in Ganga increased, impact on preparations for Magh Mela
prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है। - फोटो : prayagraj
ऐसे में अगर कटान की यही स्थिति रही तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इन सबके बीच मेला बसाने के लिए कटान से भूमि भी कम होती जा रही है। महावीर और त्रिवेणी मार्ग के बीच उस पार खाक चौक व्यवस्था समिति की भूमि भी कटान से प्रभावित हो गई है। खाक चौक की कई बीघे भूमि कटान से बह गई है। खाक चौक के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने सोमवार को बताया कि कटान की वजह से उनके संतों के खालसों को बसाने में दिक्कतें होंगी। उन्होंने इसके लिए मेलाधिकारी से वार्ता की है, ताकि खाक चौक बसाने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उधर, तीर्थपुरोहितों का भी कहना है कि कटान की वजह से दलदल हो रही भूमि पर कल्पवासियों के शिविरों को बसाने में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।


भूमि आवंटन से पहले निरीक्षण करेंगे खाक चौक के संत

खाक चौक के संतों ने भूमि आवंटन से पहले संगम की रेती का मुआयना करने का निर्णय लिया है। 16 दिसंबर को इस आध्यात्मिक संस्था को भूमि आवंटित होनी है, लेकिन समिति के संतों ने मेलाधिकारी को तारीख बढ़ाने के लिए कहा है। स्थलीय निरीक्षण के बाद ही खाक चौक के संत भूमि सुविधा का आवंटन कराएंगे।
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