तेजाब पीड़ितों का इलाज कराना सरकार का दायित्व
याची का कहना था कि 2005 में उस पर एसिड अटैक किया गया। तेजाब फेंकने वाला नजदीकी रिश्तेदार ही है। उसे अदालत से सजा भी मिल चुकी है, मगर सरकार की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। कोर्ट के आदेश पर सरकार ने सिर्फ 37 हजार रुपये दिए हैं।
प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के पंजाब नेशनल बैंक खाते में शेष बची धनराशि चार लाख 64 हजार रुपये जमा करा दिए गए हैं। इलाज के लिए किंग जार्ज मेडिकल कालेज लखनऊ के लिए उसे रिफर किया गया है। सरकार की रिपोर्ट पर कोर्ट ने सीएमओ कानपुर को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता की प्लास्टिक सर्जरी कराने सहित अन्य इलाज का पूरा प्रबंध करें। कोर्ट का कहना था कि तेजाब पीड़ितों के प्रति सरकार का रवैया सहानुभूति पूर्ण होना चाहिए। पीड़ितों का समय से मुआवजा देना और इलाज का प्रबंध करना सरकार का दायित्व है। कोर्ट ने इस मामले पर 23 फरवरी को सरकार से रिपोर्ट मांगी है।