यूपी के सभी मेडिकल कॉलेजों में भरे जाएं सीनियर डॉक्टरों के पद : हाइकोर्ट
यह आदेश जस्टिस आलोक माथुर ने याची डॉ. यासमीन उस्मानी की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश की प्रति सरकार के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को मुख्य स्थायी अधिवक्ता के द्वारा उपलब्ध कराई जाए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के खाली पड़े सीनियर लेवल पदों पर जल्द भर्ती करे। कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति न होने से इसका सीधा असर मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों पर हो रहा है।
यह आदेश जस्टिस आलोक माथुर ने याची डॉ. यासमीन उस्मानी की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश की प्रति सरकार के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को मुख्य स्थायी अधिवक्ता के द्वारा उपलब्ध कराई जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। ऐसी समस्या 2018 से है। मेडिकल कॉलेजों में सीनियर स्टाफ की कमी है। इसको खत्म करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने डॉक्टर की याचिका को निस्तारित करते हुए निर्देश दिया है कि विभाग चार सप्ताह में याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय ले और निर्णय से उसको सूचित करे।
याची ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सप्ताह में चार दिन मेडिकल कॉलेज मेरठ और दो दिन सहारनपुर में काम करने को कहा गया था। याची वर्तमान में शेख-उल-हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में बतौर प्रोफेसर रेडियो डायग्नोसिस कार्यरत है।
सरकार के दोनों मेडिकल कॉलेजों में ड्यूटी करने के निर्देश को चुनौती देते हुए कहा गया था कि वह महिला है। दोनों जगह एक सप्ताह में काम करने से उसे परेशानी होगी। सहारनपुर से मेरठ की दूरी 150 किमी है। कहा गया था कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में रेडियो डायग्नोसिस का केवल एक पद होने से परेशानी हो रही है।