{"_id":"41ea6d26319540aacc81ec591cc177d8","slug":"the-other-day-we-have-bundled-boycott-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी नहीं खुले बंडल, बहिष्कार जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी नहीं खुले बंडल, बहिष्कार जारी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दूसरे दिन मंगलवार को भी नहीं हो सका। शिक्षक संगठनों द्वारा मूल्यांकन के बहिष्कार के चलते परीक्षकों ने बंडल ही नहीं खोले। मूल्यांकन में लगाए गए परीक्षक एवं डिप्टी हेड इक्जामिनर (डीएचई) ने केंद्र पर पहुंचकर उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर तो किए, लेकिन मूल्यांकन नहीं किया। वित्तविहीन शिक्षक संगठनों के बहिष्कार के कारण अधिकांश मूल्यांकन केेंद्रों पर सन्नाटा रहा। शिक्षक संगठनों के आग्रह पर राजकीय शिक्षकों ने भी मूल्यांकन से अलग रहकर बहिष्कार को समर्थन दिया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के विभिन्न गुटों ने वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, नई पेंशन योजना के लिए अप्रैल में शासनादेश जारी करने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितकरण तथा गतवर्ष के मूल्यांकन के पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है। जिले में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन के लिए अग्रसेन इंटर कॉलेज, केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज, डॉ. केएन काटजू इंटर कॉलेज, सीएवी इंटर कॉलेज, भारत स्काउट गाउड इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बहिष्कार के कारण किसी भी केंद्र पर कॉपियों के बंडल नहीं उठे।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण शिक्षक आंदोलन पर हैं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से शिक्षकों को पूरे वर्ष गुमराह किया जाता है, इस कारण से बहिष्कार की नौबत आई है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण ही वित्तविहीन शिक्षक बदहाली के शिकार हैं।
विज्ञापन
प्रदेश महामंत्री के नेतृत्व में ठकुराई गुट के शिक्षकों मुहर्रम अली, डॉ. अरुण चौबे, जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, जिलामंत्री डॉ. देवी शरण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर शिक्षकों से बहिष्कार सफल बनाने बनाने की अपील की। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष राम सेवक त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों ने सभी मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचकर शिक्षकों की समस्याएं सुनी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष केएम लाल के नेतृत्व में शिक्षकों से बहिष्कार सफल बनाने की अपील की। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयराज यादव एवं वीरेन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के विभिन्न गुटों ने वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, नई पेंशन योजना के लिए अप्रैल में शासनादेश जारी करने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितकरण तथा गतवर्ष के मूल्यांकन के पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है। जिले में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन के लिए अग्रसेन इंटर कॉलेज, केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज, डॉ. केएन काटजू इंटर कॉलेज, सीएवी इंटर कॉलेज, भारत स्काउट गाउड इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बहिष्कार के कारण किसी भी केंद्र पर कॉपियों के बंडल नहीं उठे।
विज्ञापन
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण शिक्षक आंदोलन पर हैं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से शिक्षकों को पूरे वर्ष गुमराह किया जाता है, इस कारण से बहिष्कार की नौबत आई है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण ही वित्तविहीन शिक्षक बदहाली के शिकार हैं।
विज्ञापन
प्रदेश महामंत्री के नेतृत्व में ठकुराई गुट के शिक्षकों मुहर्रम अली, डॉ. अरुण चौबे, जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, जिलामंत्री डॉ. देवी शरण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचकर शिक्षकों से बहिष्कार सफल बनाने बनाने की अपील की। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष राम सेवक त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों ने सभी मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचकर शिक्षकों की समस्याएं सुनी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष केएम लाल के नेतृत्व में शिक्षकों से बहिष्कार सफल बनाने की अपील की। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयराज यादव एवं वीरेन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया।