मूल अक्षय वट व सरस्वती कूप में आज से दो पालियों में दर्शन
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अकबर के किले में स्थित मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप को शनिवार को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। सेना के साथ प्रयागराज मेला प्राधिकरकण की बैठक में सहमति बनने के बाद शुक्रवार को अफसरों ने किले में अक्षयवट मार्ग का निरीक्षण किया। इसके साथ ही सुरक्षा इंतजामों को भी परखा गया।
सुबह सात बजे से दो पालियों में अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन होंगे। प्रयागराज मेला प्रशासन के अफसरों ने शुक्रवार को अक्षयवट मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान अक्षयवट मार्ग पर मैटिंग के अलावा सरस्वती कूप के रास्तों का जायजा लिया गया। दो पालियों में मूल अक्षयवट के दर्शन होंगे। सुबह छह से 12 बजे तक और फिर शाम तीन से पांच बजे तक अक्षयवट और पातालपुरी में प्रवेश कर सकेंगे।
अक्षयवट के मार्ग पर मैटिंग करा दी गई है। एक लेन से श्रद्धालु प्रवेश करेंगे और दूर से दर्शन करते हुए दूसरी लेन से निकलकर पातालपुरी और सरस्वती कूप में दर्शन के लिए जा सकेंगे। सरस्वती कूप में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं का निकाल त्रिवेणी मार्ग पर होगा। सीओ दारागंज ने अक्षयवट खोलने से पहले सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि हर प्वांट पर एचडी कैमरे लगा दिए गए हैं, ताकि हर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही किले के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था होगी। हैंडवाश करने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। धार्मिक स्थलों के अनलॉक होने के बाद सुरक्षा कारणों से अभी तक मूल अक्षयवट व सरस्वती कूप के फाटक नहीं खोले जा सके थे।
बृहस्पतिवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण की बैठक में सेना के अफसरों ने सुरक्षा मानकों व कोविड-19 के नियमों का पालन कराते हुए अक्षयवट खोलने पर सहमति जताई। कोट शनिवार की सुबह से दो पालियों में अक्षयवट और सरस्वती कूप में आम भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। सहज दर्शन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड-19 के नियमों का पालन कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए श्रद्धालुओं को प्रवेश दिलाया जाएगा। रजनीश कुमार मिश्र, प्रभारी अधिकारी, प्रयागराज मेला प्राधिकरण।