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खुशियों से रोशन हुई चांद रात, चहल-पहल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 26 Jun 2017 02:07 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माहे मुकद्दस की 29वीं शब यानी रविवार को ईद का चांद दिखा तो चारों ओर खुशियां छा गईं। रविवार को ही चांद रात होने के कयास लगाए जा रहे थे। चांद की तस्दीक हुई तो लोग तैयारियों में जुट गए। वैसे तो पहली रमजान के साथ ही घर और बाजार सजने लगे थे। अलविदा के बाद भी ज्यादातर लोगों ने जरूरत की चीजें खरीद ली थीं लेकिन चांद रात को तो हर वह चीज खरीदी गई, जिसे अब तक कल-परसों पर टाला जा रहा था।
चौक, रोशनबाग, नूरुल्लाह रोड, करेली, दरियाबाद, अटाला, प्रीतमनगर, कटरा, रानीमंडी, नखासकोहना सहित मुस्लिम बहुल इलाकों के ज्यादातर बाजार आधी रात के बाद तक खुले रहे। खरीदारी को महिलाएं भी घरों से निकलीं और पूरे परिवार के साथ हर जरूरी चीज खरीदी गई। सेवइयों के अतिरिक्त टोपी, कुर्ता-पायजामा, रूमाल, इत्र, चप्पल, प्यालियां, दरवाजे, खिड़कियों के परदे, सोफे के कवर, गुलदस्ता सहित घर की सजावट की तमाम चीजें खरीदी गईं। चौक, रोशनबाग और नूरुल्लाह रोड पर तो पैदल भी चलना मुश्किल रहा।
ईद में सेवइयां ही सबसे खास रहीं। ऐसे में सेवईं मंडी नखासकोहना सहित नूरुल्लाह रोड, करेली, नखासकोहना, चौक, कटरा आदि के बाजारों में सेवइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ जुटी। लोगों ने जरूरत से ज्यादा भी सेवइयां खरीदीं। इसी तरह चना, मटर, मेवे आदि भी खरीदे गए।
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चांद रात को खाने-पीने की जरूरी चीजें जुटाई गईं। दूध, दही, पनीर की दुकानों पर लोग देर रात तक जमा रहे। वहीं करेली से लेकर खुल्दाबाद सहित अन्य इलाकों में सड़क की पटरियों पर गोश्त की अस्थायी दुकानें भी खुलीं,जहां शाम से ही लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी करते रहे।
कई दिनों से भले ही आजकल हो रहा था लेकिन चांद रात के बाद तो लोग सबसे पहले दर्जी की दुकानों की ओर ही दौड़े। अंतिम दिन होने के कारण सभी को अपने कपड़ों का इंतजार था, सो जो भी कमी रह गई थी, उसे पूरा करके दिया गया।
चांद रात पर नाई की दुकानें पूरी रात खुली रहीं। शाम से ही लोगों का वहां जुटना जारी हो गया था। कई दुकानों पर तो टोकन दिए गए ताकि वक्त के मुताबिक लोग आएं। यहां अपनी बारी के इंतजार में लोग घंटों बैठे रहे।
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चौक, रोशनबाग, नूरुल्लाह रोड, करेली, दरियाबाद, अटाला, प्रीतमनगर, कटरा, रानीमंडी, नखासकोहना सहित मुस्लिम बहुल इलाकों के ज्यादातर बाजार आधी रात के बाद तक खुले रहे। खरीदारी को महिलाएं भी घरों से निकलीं और पूरे परिवार के साथ हर जरूरी चीज खरीदी गई। सेवइयों के अतिरिक्त टोपी, कुर्ता-पायजामा, रूमाल, इत्र, चप्पल, प्यालियां, दरवाजे, खिड़कियों के परदे, सोफे के कवर, गुलदस्ता सहित घर की सजावट की तमाम चीजें खरीदी गईं। चौक, रोशनबाग और नूरुल्लाह रोड पर तो पैदल भी चलना मुश्किल रहा।
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ईद में सेवइयां ही सबसे खास रहीं। ऐसे में सेवईं मंडी नखासकोहना सहित नूरुल्लाह रोड, करेली, नखासकोहना, चौक, कटरा आदि के बाजारों में सेवइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ जुटी। लोगों ने जरूरत से ज्यादा भी सेवइयां खरीदीं। इसी तरह चना, मटर, मेवे आदि भी खरीदे गए।
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चांद रात को खाने-पीने की जरूरी चीजें जुटाई गईं। दूध, दही, पनीर की दुकानों पर लोग देर रात तक जमा रहे। वहीं करेली से लेकर खुल्दाबाद सहित अन्य इलाकों में सड़क की पटरियों पर गोश्त की अस्थायी दुकानें भी खुलीं,जहां शाम से ही लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी करते रहे।
कई दिनों से भले ही आजकल हो रहा था लेकिन चांद रात के बाद तो लोग सबसे पहले दर्जी की दुकानों की ओर ही दौड़े। अंतिम दिन होने के कारण सभी को अपने कपड़ों का इंतजार था, सो जो भी कमी रह गई थी, उसे पूरा करके दिया गया।
चांद रात पर नाई की दुकानें पूरी रात खुली रहीं। शाम से ही लोगों का वहां जुटना जारी हो गया था। कई दुकानों पर तो टोकन दिए गए ताकि वक्त के मुताबिक लोग आएं। यहां अपनी बारी के इंतजार में लोग घंटों बैठे रहे।