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पशु तस्करों के ट्रक ने ली वकील की जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 13 Oct 2015 01:39 AM IST
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हंडिया (इलाहाबाद)। जीटी रोड पर हंडिया इलाके में सोमवार सुबह चुनार से बाइक पर इलाहाबाद आ रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ता अशिभूषण सिंह को पशु तस्करों के ट्रक ने रौंद दिया। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। ड्राइवर भाग गया। पुलिस ने मवेशियों से भरा ट्रक कब्जे में ले लिया।
चुनार (मिर्जापुर) के मगरहा गांव में रहने वाले शशिभूषण सिंह (41) यहां शहर में रहकर हाईकोर्ट में वकालत करते थे। वह शनिवार को घर गए थे। वहां से सोमवार सुबह शशिभूषण बाइक पर इलाहाबाद के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब दस बजे वह जीटी रोड पर हंडिया कस्बे में थाने के करीब पहुंचे तभी उन्हें पीछे से मवेशियों भरे ट्रक ने चपेट में ले लिया। कुछ दूर पर ट्रक रोककर ड्राइवर भाग गया। आसपास के लोग भागकर वहां पहुंच गए। ट्रक के नीचे आने से अधिवक्ता शशिभूषण की मौत हो गई थी।
खबर पाकर पहुंची पुलिस ने ट्रक की जांच की तो उसमें दो दर्जन मवेशी भरे मिले। पशु तस्कर इन मवेशियों को लादकर ले जा रहे थे तभी हादसा होने पर उतरकर भाग गए। घटना की जानकारी पाकर चुनार से शशिभूषण के परिजन आ गए। पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया। शशिभूषण चार भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई चंद्रेश कुमार सिंह फौजी थे। 1999 में कारगिल की जंग में वह शहीद हो गए थे। शशिभूषण की कोई संतान नहीं थी। पत्नी शशि का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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चुनार (मिर्जापुर) के मगरहा गांव में रहने वाले शशिभूषण सिंह (41) यहां शहर में रहकर हाईकोर्ट में वकालत करते थे। वह शनिवार को घर गए थे। वहां से सोमवार सुबह शशिभूषण बाइक पर इलाहाबाद के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब दस बजे वह जीटी रोड पर हंडिया कस्बे में थाने के करीब पहुंचे तभी उन्हें पीछे से मवेशियों भरे ट्रक ने चपेट में ले लिया। कुछ दूर पर ट्रक रोककर ड्राइवर भाग गया। आसपास के लोग भागकर वहां पहुंच गए। ट्रक के नीचे आने से अधिवक्ता शशिभूषण की मौत हो गई थी।
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खबर पाकर पहुंची पुलिस ने ट्रक की जांच की तो उसमें दो दर्जन मवेशी भरे मिले। पशु तस्कर इन मवेशियों को लादकर ले जा रहे थे तभी हादसा होने पर उतरकर भाग गए। घटना की जानकारी पाकर चुनार से शशिभूषण के परिजन आ गए। पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया। शशिभूषण चार भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई चंद्रेश कुमार सिंह फौजी थे। 1999 में कारगिल की जंग में वह शहीद हो गए थे। शशिभूषण की कोई संतान नहीं थी। पत्नी शशि का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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