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पर्यावरण संरक्षण को घर से करें शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 29 Jun 2016 01:03 AM IST
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अमर उजाला चौपाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अमर उजाला पर्यावरण की चौपाल में मंगलवार को पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण जुड़े अपने विचार साझा किए। मैक्स ब्लाक्स के सौजन्य से होटल कान्हा श्याम में आयोजित चौपाल में पर्यावरण की वर्तमान स्थिति और संरक्षण के प्रति गहन विचार विमर्श किया गया। चौपाल में सभी ने प्रदूषण को रोकने के लिए जनसहभागिता और पौधरोपण को अनिवार्य बताया। इससे पहले चौपाल की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। अतिथियों का अमर उजाला परिवार की ओर से स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे पहले हमें अपने घर से शुरुआत की जरूरत है। हमारे जीवन की छोटी से छोटी चीज पर्यावरण से जुड़ी है। विकास के साथ ही हमें पर्यावरण की ओर भी ध्यान देना होगा। किसी विकसित देश की योजनाओं का अनुकरण करने से बेहतर है कि अपने शहर की जरूरतों और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर शहर को स्मार्ट बनाया जाए। उन्होंने बताया कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए तीन बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें रेट्रोफिटिंग, रीडेवलेपमेंट और ग्रीन फील्ड एरिया शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए हर एक व्यक्ति का सहयोग जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल ऑफ फॉरेस्टी एंड इन्वायरमेंट के एसोसिएट डीन डॉ. विश्वरूप मेहरा ने पर्यावरण की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। कहा कि सरकारी मानकों में किसी भी राज्य में 33 प्रतिशत क्षेत्र वनों से घिरा होना चाहिए, लेकिन हमारे प्रदेश में महज नौ प्रतिशत ही वन क्षेत्र हैं। इसी वजह से यहां बारिश भी कम होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भवन और टाउनशिप होरिजोंटल के बजाए वर्टिकल में बनाए जाएं तो खाली जमीन बचेगी।
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उस पर पौधरोपण किया जा सकता है। बिल्डर्स के लिए भी सरकार नियम बनाए कि जहां भी टाउनशिप बनाएं, पौधरोपण अनिवार्य रूप से करें।
तारिक सईद ‘अज्जू’ ने अमर उजाला की पर्यावरण चौपाल कार्यक्रम की सराहना। कहा कि पर्यावरण से ही हम हैं। अगर इसे संरक्षित नहीं किया गया तो कल हम भी नहीं बचेंगे। कटारिया ग्रुप्स के ऋषभ जैन ने कहा कि विकास समय की जरूरत है, इसके रोका नहीं जा सकता। जरूरत इस बात की है कि विकास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने एएसी ब्लाक्स की जानकारी दी। बताया कि इसके प्रयोग से कंक्रीट का इस्तेमाल बेहद कम होगा। एएसी ब्लाक्स घर का तापमान कम करने में भी सहायक है।
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मुख्य अतिथि इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे पहले हमें अपने घर से शुरुआत की जरूरत है। हमारे जीवन की छोटी से छोटी चीज पर्यावरण से जुड़ी है। विकास के साथ ही हमें पर्यावरण की ओर भी ध्यान देना होगा। किसी विकसित देश की योजनाओं का अनुकरण करने से बेहतर है कि अपने शहर की जरूरतों और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर शहर को स्मार्ट बनाया जाए। उन्होंने बताया कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए तीन बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें रेट्रोफिटिंग, रीडेवलेपमेंट और ग्रीन फील्ड एरिया शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के लिए हर एक व्यक्ति का सहयोग जरूरी है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल ऑफ फॉरेस्टी एंड इन्वायरमेंट के एसोसिएट डीन डॉ. विश्वरूप मेहरा ने पर्यावरण की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। कहा कि सरकारी मानकों में किसी भी राज्य में 33 प्रतिशत क्षेत्र वनों से घिरा होना चाहिए, लेकिन हमारे प्रदेश में महज नौ प्रतिशत ही वन क्षेत्र हैं। इसी वजह से यहां बारिश भी कम होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भवन और टाउनशिप होरिजोंटल के बजाए वर्टिकल में बनाए जाएं तो खाली जमीन बचेगी।
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उस पर पौधरोपण किया जा सकता है। बिल्डर्स के लिए भी सरकार नियम बनाए कि जहां भी टाउनशिप बनाएं, पौधरोपण अनिवार्य रूप से करें।
तारिक सईद ‘अज्जू’ ने अमर उजाला की पर्यावरण चौपाल कार्यक्रम की सराहना। कहा कि पर्यावरण से ही हम हैं। अगर इसे संरक्षित नहीं किया गया तो कल हम भी नहीं बचेंगे। कटारिया ग्रुप्स के ऋषभ जैन ने कहा कि विकास समय की जरूरत है, इसके रोका नहीं जा सकता। जरूरत इस बात की है कि विकास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने एएसी ब्लाक्स की जानकारी दी। बताया कि इसके प्रयोग से कंक्रीट का इस्तेमाल बेहद कम होगा। एएसी ब्लाक्स घर का तापमान कम करने में भी सहायक है।