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Prayagraj News: हाईकोर्ट ने भरण-पोषण की बकाया राशि 15 किस्तों में चुकाने का दिया आदेश
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में पति को अक्तूबर 2026 तक के भरण-पोषण की बकाया राशि का भुगतान 15 समान किस्तों में करने का आदेश दिया है। आदेश की अवहेलना करने पर वसूली वारंट जारी कर बकाया राशि वसूल की जाएगी। साथ ही, पति के पास संपत्ति न होने की दशा में या भुगतान से इन्कार करने पर उसे जेल भेजा जा सकता है।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने फिरोजाबाद के विजय सिंह की पुनरीक्षण याचिका पर दिया। याची ने भरण-पोषण की बकाया राशि की वसूली के लिए ट्रायल कोर्ट की ओर से 6 अप्रैल 2026 को जारी वसूली वारंट के आदेश को चुनौती दी थी।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि 2 जुलाई 2024 के भरण-पोषण आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने 5 मई 2025 को मध्यस्थता के प्रयास के आधार पर याची को अंतरिम राहत दी थी। बाद में, अंतरिम आदेश समाप्त हो जाने के कारण निष्पादन की कार्रवाई शुरू की गई।
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उन्होंने भरण-पोषण की राशि को 15 आसान किस्तों में जमा करने की अनुमति मांगी और कहा कि याची निर्धारित मासिक भरण-पोषण के साथ बकाया राशि भी चुकाने के लिए तैयार है।
कोर्ट ने याची की दलीलों पर विचार करते हुए निर्देश दिया कि बकाया राशि को 15 समान किस्तों में बांटते हुए जनवरी 2028 तक भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, नियमित मासिक भरण-पोषण भी नवंबर 2026 से किस्तों के साथ जमा करना होगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने फिरोजाबाद के विजय सिंह की पुनरीक्षण याचिका पर दिया। याची ने भरण-पोषण की बकाया राशि की वसूली के लिए ट्रायल कोर्ट की ओर से 6 अप्रैल 2026 को जारी वसूली वारंट के आदेश को चुनौती दी थी।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि 2 जुलाई 2024 के भरण-पोषण आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने 5 मई 2025 को मध्यस्थता के प्रयास के आधार पर याची को अंतरिम राहत दी थी। बाद में, अंतरिम आदेश समाप्त हो जाने के कारण निष्पादन की कार्रवाई शुरू की गई।
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उन्होंने भरण-पोषण की राशि को 15 आसान किस्तों में जमा करने की अनुमति मांगी और कहा कि याची निर्धारित मासिक भरण-पोषण के साथ बकाया राशि भी चुकाने के लिए तैयार है।
कोर्ट ने याची की दलीलों पर विचार करते हुए निर्देश दिया कि बकाया राशि को 15 समान किस्तों में बांटते हुए जनवरी 2028 तक भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, नियमित मासिक भरण-पोषण भी नवंबर 2026 से किस्तों के साथ जमा करना होगा।