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शासन ने समाप्त किया नगर पंचायत झूंसी का अस्तित्व, अधिसूचना जारी

Fri, 22 May 2020 03:23 PM IST
विनोद सिंह news desk amar ujala, prayagraj
news desk amar ujala, prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 22 May 2020 03:23 PM IST
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Government ended the existence of Nagar Panchayat Jhunsi, notification issued
nagar nigam prayagraj - फोटो : प्रयागराज

शासन ने नगर पंचायत झूंसी का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। नगर पंचायत के निर्वाचित अध्यक्ष और सभासदों का अस्तित्व भी अधिसूचना के साथ  ही स्वतः समाप्त हो गया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित यहां के 55 कर्मचारी अब नगर आयुक्त नगर निगम प्रयागराज के अधीन आ गए हैं।



नगर पंचायत झूंसी नगर निगम प्रयागराज के अधीन आ गया है। शासन ने 31 दिसंबर 2019 को आदेश जारी कर नगर पंचायत झूंसी को आवंटित धनराशि को 31 मार्च तक व्यय करने का निर्देश दिया था। चूंकि इसके पहले ही लॉकडाउन लग गया। अब राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर नगर पंचायत झूंसी का विघटन कर दिया है। 

राज्यपाल की मंजूरी के बाद झूंसी नगर पंचायत विघटित कर दिया गया है। नगर विकास विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। अब झूंसी क्षेत्र में सभी विकास कार्य नगर निगम कराएगा। यहां कार्यरत ईओ समेत करीब 55 कर्मचारी नगर आयुक्त के निर्देशों पर काम करेंगे। अधिसूचना जारी होने के साथ ही साफ हो गया है कि 31 दिसंबर 2019 को प्रकाशित गजट के मुताबिक झूंसी नगर पंचायत क्षेत्र नगर निगम की सीमा में होगा। इस गजट में झूंसी के साथ 712 गांवों को शामिल कर नगर निगम सीमा का विस्तार किया गया था। 

गजट के बाद झूंसी नगर पंचायत को 31 मार्च तक अधूरे काम पूर्ण कराकर वित्तीय प्रबंधन और बजट राशि खर्च करनी थी। इसी दौरान लॉक डाउन से यह प्रक्रिया अटक गई। नगर विकास विभाग ने 21 मई को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार के मुताबिक झूंसी अब नगर निगम सीमा के अंतर्गत है। यहां विकास संबंधी कार्य इसी वित्तीय वर्ष में शुरू कराए जाएंगे।

Government ended the existence of Nagar Panchayat Jhunsi, notification issued
prayagraj news - फोटो : prayagraj

अध्यक्ष और 17 सभासद हुए अधिकार विहीन

झूंसी नगर पंचायत का चुनाव करीब ढाई वर्ष पहले हुआ था। सीमा विस्तार संबंधी गजट प्रकाशन के बाद इस बारे में विरोध के स्वर मुखर हुए पर साशन स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। वैसे भी झूंसी शहर का हिस्सा माना जाता रहा है। वहां पीडीए पहले से ही भवन निर्माण और अवैध निर्माण रोकने की कार्रवाई करा रहा है। झूंसी नगर पंचायत में अध्यक्ष शिल्पी अग्रवाल और 17 सभासद हैं। पहले यहां 12 सभासद होते थे, लेकिन चुनाव से पहले हुए परिसीमन के दौरान हुए सीमा विस्तार में पांच सभासदों की सीटें बढ़ गई थीं। 

गृहकर के दायरे में आएंगे हजारों मकान

झंसी नगर पंचायत के विघटित होने के साथ तय हो गया है कि इलाके के हजारों मकान गृहकर के दायरे में आएंगे। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा के मुताबिक आवासीय और व्यावसायिक भवनों का सर्वे कराकर नियमानुसार कर निर्धारण किया जाएगा। गृहकर वसूली के संबंध में जल्द निर्णय लिया जाएगा। इससे नगर निगम की आय बढ़ता भी तय है, क्योंकि गृहकर के मद में पिछले वर्ष तक नगर निगम करीब 60 करोड़ रुपये वसूली कर चुका है। जिसमें वृद्धि होगी। 

Government ended the existence of Nagar Panchayat Jhunsi, notification issued
Kumbh

कुंभ के दौरान कराए गए थे काम

झूंसी पंचायत क्षेत्र जो अब नगर निगम का हिस्सा हो गया है, वहां कुंभ के दौरान कई करोड़ रुपये खर्च कर विकास के कार्य कराए गए थे। सर्वाधिक कार्य पीडीए और पीडब्ल्यूडी ने कराए। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर, चौराहे और बिजली के काम कराकर क्षेत्र को सजाया गया था। कुंभ के दौरान झूंसी मेला क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा रहता है। 


झूंसी क्षेत्र को योजना बनाकर विकसित किया जाएगा। वहां बिजली, पानी, सड़क, नाली, खड़ंजा के साथ सफाई और स्ट्रीट लाइट की बेहतर 
व्यवस्था की जाएगी। पंचायत भवन के बेहतर उपयोग के  विकल्प पर विचार किया जा रहा है। - रवि रंजन, नगर आयुक्त


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