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प्लास्टिक से भी विद्युत धारा हो सकती है प्रवाहित
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प्लास्टिक से भी विद्युत धारा प्रवाहित हो सकती है। यह जानकारी भारतीय विज्ञान संस्थान के अमित राय ने इविंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) के भौतिक विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में दी। उन्होंने ऐसे प्लास्टिक के बारे में बताया जो विद्युत धारा को प्रवाहित कर सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. विनम्र सेन सिंह ने ‘कोरोना का साहित्य पर प्रभाव’ विषय पर व्याख्यान दिया। भारतीय विज्ञान संस्थान के डॉ. संजीव श्रीवास्तव ने डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी और बताया कि उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां देश की सभी प्रयोगशालाओं में उपस्थिति मशीनां का देश के सभी शोध वैज्ञानिक इस्तेमाल कर सकते हैं। आईएपीटी के डॉ. बीपी त्यागी ने नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन के बारे में चर्चा की।
ईसीसी के जस्टिन मसीह ने कोरोना वायरस से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। वहीं, अहमदाबाद से डॉ मनीष खरे ने कोरोना के बाद एजुकेशन सिस्टम में आने वाले बदलाव पर अपनी बात रखी और उत्तराखंड गढ़वाल विश्वविद्यालय से डॉ. ओम प्रकाश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया। अंतिम सत्र में बीएचयू के डॉ. सुजीत प्रताप के कोरोना के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर व्याख्यान दिया और अंत में मेरीलैंड यूएसए से प्रो. अतुल राय ने छीकने और खांसने से होने वाले संक्रमण को केंद्र में रखे हुए गणितीय मॉडल पर व्याख्यान दिया। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह ने किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. विनम्र सेन सिंह ने ‘कोरोना का साहित्य पर प्रभाव’ विषय पर व्याख्यान दिया। भारतीय विज्ञान संस्थान के डॉ. संजीव श्रीवास्तव ने डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी और बताया कि उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां देश की सभी प्रयोगशालाओं में उपस्थिति मशीनां का देश के सभी शोध वैज्ञानिक इस्तेमाल कर सकते हैं। आईएपीटी के डॉ. बीपी त्यागी ने नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन के बारे में चर्चा की।
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ईसीसी के जस्टिन मसीह ने कोरोना वायरस से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। वहीं, अहमदाबाद से डॉ मनीष खरे ने कोरोना के बाद एजुकेशन सिस्टम में आने वाले बदलाव पर अपनी बात रखी और उत्तराखंड गढ़वाल विश्वविद्यालय से डॉ. ओम प्रकाश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया। अंतिम सत्र में बीएचयू के डॉ. सुजीत प्रताप के कोरोना के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर व्याख्यान दिया और अंत में मेरीलैंड यूएसए से प्रो. अतुल राय ने छीकने और खांसने से होने वाले संक्रमण को केंद्र में रखे हुए गणितीय मॉडल पर व्याख्यान दिया। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह ने किया।
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