प्रयागराज : डीएमओ करता था महाठग की पैरवी, लेता था गारंटी, व्हाट्सएप चैट से हुआ खुलासा
1.95 करोड़ की ठगी में एक दिन पहले जेल भेजा गया रेलवे अस्पताल का वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी परवेज अहमद महाठग अजहर अनीस उस्मानी की पैरवी करता था। वह उसे ओहदेवाला व रेल अफसरों तक पहुंचवाला बताता था और गारंटी लेकर लोगाें को झांसे में लेता था।
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1.95 करोड़ की ठगी में एक दिन पहले जेल भेजा गया रेलवे अस्पताल का वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी परवेज अहमद महाठग अजहर अनीस उस्मानी की पैरवी करता था। वह उसे ओहदेवाला व रेल अफसरों तक पहुंचवाला बताता था और गारंटी लेकर लोगाें को झांसे में लेता था। जिसके बाद लोग उसकी बातों में आकर रकम निवेश कर देते थे। पुलिस ने एक दिन पहले उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सूत्रों के मुताबिक, डीएमओ रेलवे बोर्ड डायरेक्टर का फर्जी आदेश तो बनवाता ही था। इसके साथ ही वह महाठग की पैरवी भी करता था। उसके व्हाट्सएप चैट से इस बात का खुलासा हुआ है।
पता चला है कि वह लोगों से कहता था कि वह अजहर को अच्छी तरह से जानता है जिसकी रेलवे अफसरों तक पहुंच है। इसके बाद वह लोगों से कहता था कि वह उसकी गारंटी पर रकम अजहर को दे दें। डीएमओ स्तर का अधिकारी यह बात कहता था जिससे लोग आसानी से अजहर पर यकीन कर लेते थे। इसके बाद वह मुनाफे की लालच में रकम दे देते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सएप चैट पर कई लोगों से उसने इस तरह की बातचीत की है।
डॉक्टर लेता था कमीशन
अजहर की पैरवी के एवज में डीएमओ उससे मोटा कमीशन लेता था। निवेश की गई रकम का एक हिस्सा वह अपने पास रख लेता था। जबकि शेष हिस्सा अजहर के पास ही रहता था। इसी में से थोड़ा-थोड़ा करके वह कुछ महीने तक रकम निवेश करने वाले व्यक्ति को बतौर मुनाफा लौटाता रहता था। इससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। सूत्रों का कहना है कि जेल भेजे जाने से पहले अजहर ने डीएमओ को रकम देने की बात पुलिस के सामने कबूली थी।
मुख्य आरोपी की पत्नी समेत तीन की तलाश
1.95 करोड़ की ठगी में पुलिस को अब मुख्य आरोपी अजहर की पत्नी, बहनाेई व भाई की तलाश है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान इन तीनों के खिलाफ भी इस मामले में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। इन्हें इस खेल की जानकारी थी और वह आरोपी का सहयोग भी करते थे। ऐसे में उनकी तलाश की जा रही है।