प्रयागराज : नहीं मिला फरार मुजरिम का सुराग, एक दिन पहले सजा सुनाए जाने के दौरान कचहरी से भाग निकला था
जिला कचहरी से फरार मुजरिम उमेंद्र सिंह का 24 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस कोरांव से कानपुर तक उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया। कानपुर पुलिस को भी सूचना दे दी गई है।
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जिला कचहरी से फरार मुजरिम उमेंद्र सिंह का 24 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस कोरांव से कानपुर तक उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया। कानपुर पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। साथ ही कर्नलगंज पुलिस की एक टीम उसके आवास पर भी भेजी गई है।
मूल रूप से कानपुर के दादानगर गोविंदनगर निवासी उमेंद्र (65) मंगलवार को जिला कचहरी से तब फरार हो गया था, जब 17 साल पुराने अपहरण के मुकदमे में उसे व आठ अन्य आरोपियों को सजा सुनाई गई। कोरांव ब्लॉक में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रहते हुए ही उस पर 2005 में अपहरण व एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में रात भर लगी रही।
एक टीम ने कोरांव जाकर भी सुरागरशी की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान कानपुर पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस ने कचहरी के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। उधर बुधवार को एक टीम कानपुर के लिए भी रवाना कर दी गई। डीसीपी नगर संतोष कुमार मीना ने बताया कि आरोपी के हरसंभव ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। उसकी तलाश में एसओजी को भी लगाया गया है।
नैनी होकर आया था, वापसी में नहीं दिखा
सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वह पेशी के लिए नैनी होकर कचहरी पहुंचा था। दरअसल वह स्कूटी से लेप्रोसी चौराहे पर आता दिखा है। हालांकि पेशी से फरार होने के बाद कचहरी परिसर से निकलकर वह कंपनी गार्डन तक तो दिखा है, लेकिन इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने कंपनी गार्डन से हनुमान मंदिर और फिर नैनी की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले लेकिन कुछ पता नहीं चला।