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Prayagraj News: स्कूलों में बजी घंटी... सड़कों पर इंतजामों की छुट्टी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 02:45 AM IST
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The bell rang in the schools... arrangements were made on the roads.
स्कूलों में सोमवार दोपहर छुट्टी की घंटी क्या बजी, मानो सड़कों पर इंतजामों की छुट्टी हो गई। बच्चों के बाहर निकलते ही वाहनों की रफ्तार थम गई। मेयोहाल, हिंदू हॉस्टल, सिविल लाइंस, कटरा, मेडिकल चौराहा समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। जगह-जगह वाहन रेंगने लगे। इसका असर गलियों तक में देखने को मिला। जल्दी निकलने के चक्कर में वाहन सवार जहां-तहां फंसे रहे।
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सोमवार सुबह 11:30 बजते ही सिविल लाइंस पीवी टंडन मार्ग, दयानंद मार्ग, एमजी मार्ग, लाउदर मार्ग, कमला नेहरू मार्ग पर स्कूलों के बाहर बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों ने सड़क किनारे वाहन खड़े कर दिए। स्कूली बसें, वैन, ऑटो और ई-रिक्शा की अव्यवस्थित आवाजाही से हालात और बिगड़ गए। स्कूलों के बाहर न तो उनके गार्ड दिखे और न ही इंतजाम करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस नजर आई। कई जगहों पर बाइक सवारों तक को निकलने के लिए जगह नहीं मिली। अव्यवस्थित पार्किंग की अनदेखी के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कुछेक जगह पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद जाम से राहत नहीं मिली।
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कागजों पर सिमटी योजना
शहर में स्कूलों की छुट्टी के समय लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए कई बार ट्रैफिक सुधार की योजनाएं बनाई गईं, लेकिन कागजों तक ही सीमित रह गईं। स्कूलों के बाहर नो-पार्किंग जोन, वैकल्पिक रूट और अतिरिक्त पुलिस तैनाती जैसे प्रस्ताव तैयार किए गए, मगर असर दिखाई नहीं दिया।
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पार्किंग नहीं होने खड़े हो रहे वाहन
कई नामी स्कूलों में पार्किंग की व्यवस्था है, बावजूद इसके स्कूलों के बाहर ही अभिभावकों के वाहन सड़क पर खड़े हो रहे हैं। सबसे खराब स्थिति मेयोहाल, हिंदू हॉस्टल और सिविल लाइंस इलाके की है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ते हैं, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का सबब बनते हैं।


कोट

कई बार स्कूल प्रबंधन से संपर्क करके पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने के लिए कहा गया है, लेकिन अव्यवस्था अभी बनी हुई है। शहर की सड़कों पर जाम न लगे इस पर प्लान तैयार किया जा रहा है। - नीरज पांडेय, डीसीपी, यातायात



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स्कूल की छुट्टी के समय रोज यही हाल रहता है। पांच मिनट का रास्ता पार करने में आधा घंटा लग जाता है।- वरुण जायसवाल, सिविल लाइंस
सड़क पर दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के साथ निकलना मुश्किल हो जाता है। - मनोहर लाल, करबला
ट्रैफिक पुलिस कई जगह दिखाई नहीं देती, लोग विपरीत दिशा से वाहन निकालते हैं, जिससे जाम लगता है।- निजामुद्दीन, चकिया


पानी की टंकी चौराहे के पास भी लगा जाम
हाईकोर्ट पानी की टंकी के सामने स्थित पुराने रेलवे ओवर ब्रिज की जगह नया ब्रिज बनाया जाएगा। इस वजह से रूट को वन-वे किया गया है। हाईकोर्ट पानी टंकी के पास सोमवार सुबह से वाहनों का दबाव बढ़ गया। दिनभर गाड़ियां रेंगती रहीं। सुलेमसराय निवासी बाइक चालक नीतेश कुमार ने बताया कि पुल निर्माण के बाद ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है, लेकिन उसके अनुरूप वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। आए दिन जाम लग रहा है।
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