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Prayagraj News: कोटक महिंद्रा बैंक गबन में आरोपी की जमानत खारिज
Fri, 28 Aug 2020 09:23 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 28 Aug 2020 09:23 AM IST
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इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
जिला न्यायालय ने कोटक महिंद्रा बैंक से 9 करोड़ से अधिक रुपये का गबन किए जाने के मामले में आरोपी अजय वर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर जिला जज मृदुल कुमार मिश्रा ने एडीजीसी कैलाश नारायण सिंह और हरिनारायण शुक्ला को सुन कर दिया है।
प्रकरण थाना सिविल लाइंस का है। वादी अमित मालवीय शाखा प्रबंधक कोटक महिंद्रा बैंक ने पांच अप्रैल 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार अप्रैल 2020 को पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी के पद पर कार्यरत अंशुमन दुबे ने बैंक की धनराशि में से नौ करोड़ 46 लाख 27500 गबन कर लिया है।
बैंक द्वारा मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे को बैंक का पैसा ले जाकर बैंक ऑफ बड़ौदा खुल्दाबाद की मुद्रा प्रकोष्ठ में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रयागराज में अपना कोई मुद्रा प्रकोष्ठ नहीं है। जिसके कारण आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने की अनुमति दी थी।
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जांच में अंशुमन दुबे द्वारा संपूर्ण धनराशि गबन करने और उस धनराशि में से लोगों को ब्याज पर देने और परिवार के नाम करने की बात स्वीकार की गई है। आरोप है कि अभियुक्तों के बैंक खाता में अभियुक्त अंशुमन दुबे के बैंक खातों से लेन-देन हुआ है। अभियुक्त अजय वर्मा के पास से पुलिस ने पचास हजार की बरामदगी दिखाई है।
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प्रकरण थाना सिविल लाइंस का है। वादी अमित मालवीय शाखा प्रबंधक कोटक महिंद्रा बैंक ने पांच अप्रैल 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार अप्रैल 2020 को पता चला कि कोटक महिंद्रा बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी के पद पर कार्यरत अंशुमन दुबे ने बैंक की धनराशि में से नौ करोड़ 46 लाख 27500 गबन कर लिया है।
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बैंक द्वारा मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे को बैंक का पैसा ले जाकर बैंक ऑफ बड़ौदा खुल्दाबाद की मुद्रा प्रकोष्ठ में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रयागराज में अपना कोई मुद्रा प्रकोष्ठ नहीं है। जिसके कारण आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा करने की अनुमति दी थी।
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जांच में अंशुमन दुबे द्वारा संपूर्ण धनराशि गबन करने और उस धनराशि में से लोगों को ब्याज पर देने और परिवार के नाम करने की बात स्वीकार की गई है। आरोप है कि अभियुक्तों के बैंक खाता में अभियुक्त अंशुमन दुबे के बैंक खातों से लेन-देन हुआ है। अभियुक्त अजय वर्मा के पास से पुलिस ने पचास हजार की बरामदगी दिखाई है।