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Prayagraj News: ‘बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया’ लोकगीतों पर झूमे श्रोता, शास्त्रीय नृत्य ने बांधा समां
Sat, 24 Oct 2026 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:02 AM IST
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उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित दीपावली शिल्प मेला में शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित दीपावली शिल्प मेले के दूसरे दिन शिल्प हाट के मुक्ताकाशी मंच पर लोकगीत, भजन, गजल और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मथुरा के गिरधर गोपाल शर्मा के ब्रज लोकगीत ‘बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया’ और ‘मुरली वाले ने घेर लई अकेली, पनिया गई’ पर श्रोता झूम उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो. देवेश रंजन त्रिपाठी, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय और सलाहकार कल्पना सहाय ने किया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत प्रयागराज की दिशा शर्मा ने ‘बसो मोरे नैनन में नंदलाल’ जैसी भक्ति प्रस्तुतियों से की। इसके बाद वैशाली नाथ के नेतृत्व में कृति सिंह, दीप्ति चौधरी, महक कुमारी, वर्तिका स्वर्णकार, आरोही मिश्रा, समृद्धि श्रीवास्तव और सूर्यांश सिंह ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया। तबले पर अनूप बनर्जी और लहरे पर अनुराग मिश्रा ने संगत की।
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गायक संतोष पांडेय ने रामचरितमानस की चौपाइयों के साथ फिल्मी गीत और गजलें प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। वहीं, मथुरा के कलाकार गिरधर गोपाल शर्मा ने ब्रज की लोकगायन परंपरा से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु शुक्ला ने किया।
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मथुरा के गिरधर गोपाल शर्मा के ब्रज लोकगीत ‘बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया’ और ‘मुरली वाले ने घेर लई अकेली, पनिया गई’ पर श्रोता झूम उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो. देवेश रंजन त्रिपाठी, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय और सलाहकार कल्पना सहाय ने किया।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत प्रयागराज की दिशा शर्मा ने ‘बसो मोरे नैनन में नंदलाल’ जैसी भक्ति प्रस्तुतियों से की। इसके बाद वैशाली नाथ के नेतृत्व में कृति सिंह, दीप्ति चौधरी, महक कुमारी, वर्तिका स्वर्णकार, आरोही मिश्रा, समृद्धि श्रीवास्तव और सूर्यांश सिंह ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया। तबले पर अनूप बनर्जी और लहरे पर अनुराग मिश्रा ने संगत की।
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गायक संतोष पांडेय ने रामचरितमानस की चौपाइयों के साथ फिल्मी गीत और गजलें प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। वहीं, मथुरा के कलाकार गिरधर गोपाल शर्मा ने ब्रज की लोकगायन परंपरा से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु शुक्ला ने किया।